श्रावण शिवरात्रि पर नगर के शिवालयों में उमड़ी श्रद्वालुओं की भीड़
हरिद्वार। श्रावण मास की शिवरात्रि पर्व पर नगर के सभी पौराणिक व प्राचीन शिवालयों में जलाभिषेक के लिए जन सैलाब उमड पड़ा। भगवान शंकर की ससुराल कनखल में आज प्रातः 4ः40 से जलाभिषेक प्रारंभ हो गया। सभी शिव मंदिरों में श्रद्धालु भक्तों की कई कई किलोमीटर लंबी लाइन लगी हुई थी विशेष कर कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर जहां सती ने हवन कुंड में अपने प्राण त्यागे थे और मान्यता है कि पूरे श्रावण मास में भगवान भोले शंकर यहां विराजमान रहते हैं इसलिए यहां पर जलाभिषेक करने का विशेष महत्व है और मान्यता है कि यहां मांगी हुई सभी मन्नत पूरी हो जाती है ,इसके अलावा पौराणिक बिलकेश्वर महादेव मंदिर जहां पर पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए तपस्या की थी, नीलेश्वर महादेव जहां बैठकर भगवान शिव ने दक्ष के यज्ञ का विध्वंस देखा था तथा गौरीशंकर महादेव जहां भगवान शिव की बारात ठहरी थी,में विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इन मंदिरों के अतिरिक्त नगर के अन्य प्राचीन मंदिर दरिद्र भंजन महादेव मंदिर, तिल भंडेश्वर महादेव मंदिर,हरिहर आश्रम स्थित पारदेश्वर महादेव मंदिर आदि में भी भारी संख्या में लोग जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे थे। कावड़ मेला की समाप्ति के पश्चात जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है और अब स्थानीय श्रद्धालुओं को सुविधापूर्वक जला अभिषेक करने के लिए प्रशासन जुट गया है।जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं में महिलाओं की अधिक संख्या को देखते हुए सभी मंदिरों पर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सावन में भगवान शिव अपनी ससुराल दक्ष महादेव मंदिर में विराजमान रहकर सृष्टि का संचालन करते हैं। जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए दक्ष महादेव मंदिर को रंग बिरंगी लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया है।