रेस्क्यू एवं राहत कार्य में जिला प्रशासन सभी एजेंसियां रही सक्रिय


देहरादून। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन,एसडीआरएफ,एनडीआरएफ,स्थानीय पुलिस,स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं की संयुक्त टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान को तेज गति से संचालित किया गया। आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय,आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा एसससपी प्रमेंद्र डोबाल ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की तथा अस्पताल में घायलों का हाल जाना। आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार दिया जा रहा है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को पुनरावृत्ति न हो,इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।वहीं मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मनसा देवी सहित राज्य के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण योजना,सीसीटीवी निगरानी प्रणाली,दिशा संकेतक बोर्ड,पैदल मार्गों पर आपातकालीन निकासी योजना तथा स्थानीय प्रशासनिक समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

अफवाहों पर ध्यान न दें- सचिव आपदा प्रबंधन

देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी की जा रही सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है और राहत कार्यों में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। प्रशासन पूरी सहायता कर रहा है।उधर हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी एम्स पहुंचकर दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों का हालचाल जाना और उनके उपचार की जानकारी ली। घटना में घायलों और मृतकों के लिए मंशादेवी मंदिर ट्रस्ट ने भी अपनी ओर से बड़ी मदद का ऐलान किया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने कहा है कि दुर्घटना में मृत लोगों को पांच लाख और घायलों को ट्रस्ट की ओर से एक एक लाख रुपए की धनराशि प्रदान की जाएगी।