एक साथ तीन महंत बनाए जाने पर संतों में हुआ जमकर वाद विवाद

हरिद्वार। श्री मुनि मंडल आश्रम में एक साथ तीन महंत बनाए जाने को लेकर संतों के बीच जमकर वाद विवाद हुआ। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के कोठारी महंत राघवेंद्र दास, महंत गंगादास, महंत सूर्यांश मुनि, महंत जयेंद्र मुनि ने एक साथ तीन महंत बनाए जाने पर आपत्ति करते हुए इसे अखाड़े की परंपरा का उल्लंघन बताया। कहा कि केवल एक महंत बनाए जाने की परंपरा है। एक साथ तीन लोगों को महंत की पदवी देकर परंपरा का उल्लंघन किया जा रहा है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी महाराज ने कहा कि यह आश्रम के परमाध्यक्ष की मर्जी है कि वे कितने महंत बनाएं। इससे अखाड़े को कोई मतलब नहीं होना चाहिए। स्वामी प्रबोधानंद गिरी के अखाड़े को लेकर टिप्पणी करने पर हंगामा हो गया। महंत राघवंेंद्र दास, महंत सूर्यांश मुनि ने कहा कि सीमा में रहकर बात करें। एक महंत बनाया जाना चाहिए या तीन। इस बात को लेकर संतों की सभा में काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में कुछ वरिष्ठ संतो ंने दोनों पक्षों को समझाकर बुझाकर माहौल शांत किया।