जन समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही क्षम्य नहीं- डीएम

 समस्याओं के धीमे निस्तारण पर जिला पंचायतराज अधिकारी को कारण बताओ नोटिस।


हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में प्रत्येक सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों द्वारा जलभराव,पेयजल,अतिक्रमण, विद्युत, सड़क,राशन कार्ड आदि से संबंधित 28समस्याएं दर्ज कराई गई।जिलाधिकारी द्वारा 15 समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया शेष समस्याओं को त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।जनसुनवाई के दौरान प्रमुख समस्याओं में अंकुर मल्होत्रा  ने शिवालिक नगर स्थित न्यू शॉपिंग कॉप्लेक्स में आने जाने वाले मार्ग के दोनो ओर अवैध तरीके से खड़े खोखा,पटरी को हटाने,संदीप कुमार ने इकबालपुर गन्ना मिल पर गन्ने का बकाया का अब तक भुगतान न होने,रामलाल निवासी तहसील भगवानपुर ने पट्टे की भूमि छुड़वाने,उप प्रधान ज्ञानचंद ने ग्राम पंचायत खानपुर ब्रह्मपुर में सरकारी योजनाओं ने भ्रष्टाचार को लेकर शिकायत की। संदीप कुमार निवासी ज्वालापुर ने अपने पुत्र का नाम राशन कार्ड में दर्ज कराने,रूपा गुप्ता ने अपने बच्चों के लिए स्कॉलरशिप दिलवाने,भारतीय किसान यूनियन ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय इब्राहिमपुर में जर्जर भवन को सही करने को लेकर प्रार्थना पत्र दिया।

सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा

हरिद्वार। जिलाधिकारी ने सीएम हैल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं की विभागवार समीक्षा के दौरान सीएम हैल्पलाइन पर प्राप्त समस्याओं के धीमे निस्तारण पर जिला पंचायतराज अधिकारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करनेे के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने सीएम हैल्पलाइन पर प्राप्त समस्याओं के निस्तारण एवं कार्यों में हीलाहवाली करने वाले सभी सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) के खिलाफ नियमानुसार सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश जिला पंचायतराज अधिकारी को दिये। जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि सीएम हैल्पलाइन तथा जन सुनवाई में प्राप्त शिकायतों के प्रभावी निस्तारण हेतु शिकायतकर्ताओं से वार्ता करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि जनता द्वारा जो भी समस्याएं दर्ज कराई जा रही है,उन समस्याओं को त्वरित एवं समयबद्धता के साथ निराकरण करना सुनिश्चित करे। इसमें किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही एवं शिथिलता क्षम्य नहीं होगी और लापरवाही एवं शिथिलता करतने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्ती से करवाई सुनिश्चित की जाएगी।