अमावस्या पर श्रद्वालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
हरिद्वार। गुरूवार को गादली अमावस्या के मौके पर हजारों श्रद्वालुओं ने हर की पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान श्रद्वालुओें ने विभिन्न मन्दिरों में पूजा अर्चना कर सुख-समृद्वि की कामना की। माना जाता है कि मानसून के दौरान बारिश की वजह से गंगा के पानी में मिटट्ी की मात्रा बढ़ जाती है, क्योंकि इस दौरान गंगा में बारिश का गादला (मिट्टी वाला) जल रहता है इसलिए इसे गादली गंगा का स्नान भी कहा जाता है।श्रावणी चतुर्दशी के तुरंत के बाद पड़ने वाले इस स्नान के लिए आमतौर पर हरियाणा ,दिल्ली से ज्यादा श्रद्वालु पहुचते है। एक समय तक यह स्नान पर्व हरिद्वार के प्रमुख स्नान पर्वों में शुमार था लेकिन अब क्योंकि हरियाणा की सावन कांवड़ में भागीदारी बढ़ गई है इसलिए सावन शिवरात्रि के अगले ही दिन आने वाली इस अमावस्या पर अब हरियाणा बहुत कम दिखाई देता है हालांकि परिवार सहित आनेवाले लोग इस अवसर पर अब भी स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं लेकिन अब यह स्नान पर्व सामान्य स्नान पर्व बनकर रह गया है। गुरूवार को बड़ी संख्या में श्रद्वालुओं ने हर की पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर गंगा स्नान कर मन्दिरों में विशेष पूजा अर्चना की। इस दौरान पुलिस की ओर से सुरक्षा के खास इंतजामात किये गये थे।