गुकाविवि के आंदोलनरत कर्मचारियों को मिला सेवानिवृत शिक्षकों,कर्मचारियों का समर्थन


हरिद्वार।गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय,शिक्षकेत्तर कर्मचारी यूनियन द्वारा 16दिन से सांकेतिक धरना चल रहा है। आज धरना स्थल पर सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो.श्रवण कुमार शर्मा ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मचारियों की तरफ से अपना समर्थन दिया।समविश्वविद्यालय वर्तमान में संक्रमण काल से गुजर रहा है।जहां पर दो कुलसचिव व दो कुलपति प्रशासन में बैठे हों तो संस्थान का हश्र क्या हो सकता है।यह समविश्वविद्यालय के कार्यकाल में दूसरी बार हो रहा है। इस तरह के कृत्य से संस्थान की गरिमा पर विशेष प्रभाव पड़ता है। प्रबन्धन तंत्र के पदाधिकारी संस्थान को निजीकरण की तरफ ले जाना चाहते हैं। शिक्षकेत्तर कर्मचारी तड़पती धूप में संस्थान को बचाने के लिए हड़ताल पर हैं जिससे शिक्षकों का दिल जरूर पसीजता होगा। शिक्षकेत्तर कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रजनीश भारद्वाज एवं महामंत्री नरेन्द्र मलिक ने कहा कि उच्च न्यायालय में विश्वविद्यालय को बचाने के लिए मुकदमा दायर किया गया है जिसकी सुनवाई चल रही है। मुकदमा समविश्वविद्यालय के पक्ष में होगा,ऐसा ईश्वर से प्रार्थना की जाती है।कर्मचारियों के भविष्य माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय पर ही अटका हुआ है।यूनियन के पदाधिकारी शत्रुघ्न झा ने कहा कि शहर में संचालित चिन्मय डिग्री कॉलेज के प्रबंधन ने पिछले कुछ सालों में कम दाखिले और वित्तीय घाटा दिखाकर इस वर्ष दाखिले में रोक लगा दी है। अगर समविश्वविद्यालय में भी सभाएं का प्रवेश होने पर भविष्य में चिन्मय डिग्री कालेज जैसा माहौल देखने को मिलेगा।उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को मिलकर सभाओं का विरोध करना चाहिए तथा समविश्वविद्यालय को भारत सरकार के निर्देशन में केन्द्रीय विश्वविद्यालय ले जाने की दिशा में अपना योगदान देना चाहिए। यूनियन के पूर्व महामंत्री दीपक वर्मा ने कहा कि पिछले 16दिनों से चल रहे सांकेतिक धरने में शिक्षकों का सहयोग भी हमें मिल रहा है तथा भविष्य में भी समविश्वविद्यालय में कार्यरत समस्त शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का सहयोग ऐसे ही मिलता रहेगा जिसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं।उन्होंने कहा कि समविश्वविद्यालय में सभाओं के हस्तक्षेप से चिन्मय डिग्री कालेज की जैसी स्थिति उत्पन्न न हो जाए जिससे कि कर्मचारियों की नौकरी पर संकट खड़ा हो जाए।इसलिए सभी को एकजुट होकर समविश्वविद्यालय में रेगुलेशन 2023 लागू करने की दिशा में पूर्ण सहयोग करें जिससे कि सभी का भविष्य सुरक्षित रह सके। सांकेतिक धरने में समस्त शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।