काँवड़ मेला‘‘ बन रहा आजीविका संवर्द्धन का माध्य


हरिद्वार। जनपद में वर्तमान में जारी‘काँवड़ मेला‘जिसमें बडी संख्या में श्रद्वालु आ रहे हैं। यह एक सुनहरा अवसर है,जब स्वयं सहायता समूहों से जुडे़ सदस्य अपनी आजीविका वृद्वि के उदद्ेश्य से विभिन्न प्रकार की सेवायें उपलब्ध करा सकते हैं।इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्य विकास अधिकारी,श्रीमती आकांक्षा कोण्डे द्वारा स्वयं सहायता समूहों की स्टॉल लगवाने के निर्देश दिए जिससे महिलाएं खाद्य सामग्री,हस्तशिल्प वस्तुओं आदि की ब्रिकी कर अपनी आय बढ़ा सकें। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा स्वयं सहायता समूह सदस्यों एवं सहकारिता सदस्यों द्वारा तैयार उत्पादों को स्टॉल लगाकर ब्रिकी करने हेतु विभिन्न विभागों से समन्वय और अनुमति प्राप्त करने हेतु सहायक परियोजना निदेशक/जिला मिशन प्रबन्धक,हरिद्वार को नोडल अधिकारी बनाया गया हैं और प्रतिदिन सेल का रिकॉर्ड व्यवस्थित करवाने हेतु कहा गया है। जनपद में वर्तमान में ‘काँवड़ मेला‘ क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर 18सी.एल.एफ.के स्वयं सहायता समूहों/सहकारिता सदस्यों द्वारा 60से भी अधिक स्थानों पर पानी,चाय,नाश्ता,जूस, भोजन,फल,बेकरी उत्पाद काँवड़ आदि से संम्बधिंत स्टॉल लगाये गये हैं।इन स्टॉलों में 1 लाख से लगभग 4 लाख के बीच तक दैनिक बिक्री रिकॉर्ड की गई है। काँवड़ मेला अवधि में अब तक इन स्टॉलों के माध्यम से कुल लगभग 28 लाख की बिक्री कर ली गई है।इसे देखते हुए स्वयं सहायता समूहों/सहकारिता सदस्यों द्वारा लगाई गई स्टॉलों को अभी आगे भी जारी रखे जाने पर विचार है। ताकि चार धाम यात्रा सीजन में उनको अधिक से अधिक आय सृजन करने का अवसर प्राप्त हो सके। काँवड़ मेला के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री कर आय सृजन का जो सुनहरा अवसर प्राप्त हो रहा है उससे वह बहुत उत्साहित हैं।