जिला कारागार में शिव महापुराण कथा का आयोजन
हरिद्वार। श्रीअखंड परशुराम अखाड़ की और से जिला कारागार रोशनाबाद में आयोजित श्रीशिव महापुराण कथा के आठवे दिन कथाव्यास महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने भष्म की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि भस्म औघड़दानी शिव का सबसे प्रिय पदार्थ है।भस्म शिवजी के वस्त्र और आभूषण जैसे हैं।भस्म का महत्व इसी से स्पष्ट हो जाता है कि ब्रह्मा,विष्णु और अन्य सभी देवता,उपदेवता,योगी,सिद्ध,नाग आदि इसे धारण करते हैं। शिव पुराण के अनुसार भस्म धारण करने मात्र से ही सभी प्रकार के पापों का नाश हो जाता है।जो मनुष्य पवित्रतापूर्वक भस्म धारण करता है और शिवजी का गुणगान करता है,उसे दोनों लोकों में आनंद मिलता है।स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि शिव पुराण में नारद को भस्म की महिमा बताते हुए ब्रह्मा कहते हैं कि यह सभी प्रकार के शुभ फल देने वाली है।जो मनुष्य इसे अपने शरीर पर लगाता है,उसके सभी दुख व शोक नष्ट हो जाते हैं। भस्म शारीरिक और आत्मिक बल को बढ़ा कर मृत्यु के समय भी अत्यंत आनंद प्रदान करती है। श्रीअखंड परशुराम अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने बताया कि सत्य ही शिव है और शिव ही सुंदर हैं। यह पूरा जगत शिव स्वरूप है। इसलिए जाति का भेद छोड़ कर सभी में शिव तत्व का दर्शन कर प्रेम भाव के साथ रहना चाहिए। जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने कहा कि कारागार में हर धर्म का व्यक्ति आता है।परंतु यहां सभी एक होकर प्रेम के साथ रहते हैं,यह सत्संग का लाभ है।इस अवसर पर पंडित पवन कृष्ण शास्त्री,डा.राकेश चंद्र गैरोला,अभिषेक अहलूवालिया, चंद्रकांत शर्मा,अंजित कुमार,कुलदीप शर्मा,मनोज ठाकुर,बृजमोहन शर्मा,सत्यम शर्मा,जलज कौशिक,पंडित विष्णु शास्त्री,पंडित संजय शास्त्री आदि ने शिव महापुराण का पूजन कर कथाव्यास से आशीर्वाद लिया।