मन्सादेवी मन्दिर मार्ग पर भगदड़ मचे जाने से 6 श्रद्वालुओं की मौत,दो दर्जन से अधिक घायल

हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुचकर जाना घायलों का हाल,दिए जांच के आदेश

मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री ने दो-दो एवं मन्दिर ट्रस्ट की ओर से पांच-पांच लाख सहायता 



हरिद्वार। रविवार को मंशादेवी पैदल मार्ग पर अचानक मची भगदड़ की वजह से एक बच्ची सहित 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है,जबकि करीब ढाई दर्जन से अधिक श्रद्वालु घायल हो गये, जिनमें से पांच की स्थिति गंभीर होने की वजह से हायर सेंटर रेफर किया गया है। भगदड़ की हुई घटना पर प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों विधायकों अधिकारियों ने दुःख जताया है। भगदड़ मचने की वजह करंट फैलने की अफवाह बताया जा रहा है। रविवार को सुबह करीब नौ बजे हुई इस घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रेमेंद्र डोभाल सहित सभी आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए।इस घटना में लगभग 35लोगों के घायल होने की सूचना है जिन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक, मण्डल आयुक्त विनय शंकर पांडे, आईजी राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल सहित तमाम अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।यह भी अफवाह उड़ रही है कि बिजली का तार गिर जाने से अचानक भगदड़ मच गई जबकि कुछ प्रत्यक्ष प्रत्यक्ष और मुक्त भोगियों का कहना है कि वे लोग मनसा देवी मुख्य द्वार पर दर्शनों के लिए पहुंच गए थे लेकिन वहां पर यहकर उन्हे लौटा दिया कि दर्शन नहीं हो पाएंगे, इसी भगदड़ में लोग गिरने शुरू हुई और एक के ऊपर एक चढ़ते चले गए। अभी तक पुलिस ने 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है जबकि दो लोगों की मृत्यु का और समाचार है लेकिन उसके लिए प्रशासन में पुष्टि नहीं कही है जिन 6लोगों की मौत हुई है उनकी शिनाख्त हो गई है। हादसे के दौरान मौके पर मौजूद रहे उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद के मिलक निवासी पेशे से अध्यापक प्रदीप सिंह ने बताया कि उनके साथ आए एक बच्चे की मौत हो गयी है।मंदिर परिसर में अव्यवथाओं का बोलबाला है।परिसर का अधिकांश हिस्सा दुकानदारों ने घेरा हुआ है। श्रद्धालुओं के लिए काफी कम स्थान बचा हुआ है। सुरक्षा की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दी। प्रदीप सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण के लिए उचित व्यवस्था की जाए। उत्तर प्रदेश के पदपुरी रामपुर निवासी तेजपाल ने बताया कि उनकी बहन और भांजी घायल हुई हैं। इससे पूर्व घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंची और 35 घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। जहां उपचार के दौरान 6 लोगों की मौत हो गयी। गंभीर रूप से घायल हुए 15 लोगों को चिक्तिसकों ने एम्स ऋषिकेश रैफर कर दिया। पांच लोगों को मेला अस्पताल भेजा गया। शेष आठ लोगों का जिला अस्पताल में ही उपचार किया जा रहा है। मृतकों और घायलों में अधिकांश लोग उत्तर प्रदेश के हैं। हादसे में एक 12 वर्षीय किशोर और एक महिला की भी मौत हुई है।