मां के प्रेमी ने की नाबालिग बेटे की हत्या अवैध संबंध और सवा करोड़ की संपत्ति के लालच में

पुलिस ने किया यश उर्फ कृष हत्याकांड का खुलासा


 

हरिद्वार। 31दिसम्बर की रात हुई कनखल रविदास बस्ती निवासी 17वर्षीय यश उर्फ कृष की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी ने मृतक की मां से अवैध संबंध और उसकी सवा करोड़ रूपए की संपत्ति के लालच में हत्याकांड को अंजाम दिया था। मायापुर पुलिस चौकी में घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी परमेंद्र सिंह डोबाल ने कनखल पुलिस को बधाई दी है। एसएसपी ने प्रैसवार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि एक जनवरी को बैरागी कैंप से यश का शव बरामद होने पर उसकी मां संयोगिता के हत्या का मुकद्मा दर्ज कराने के बाद हत्याकांड के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीम की जांच पड़ताल में सामने आया कि अमित कटारिया उर्फ खली पुत्र अशोक कटारिया निवासी रविदास बस्ती कनखल यश को नए साल की पार्टी की करने के लिए अपने साथ ले गया था। जांच पड़ताल में मृतक की मां संयोगिता के रिश्ते के भतीजे अमित कटारिया से अवैध संबंधों की बात भी सामने आयी। पुलिस ने अमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे मामले से पर्दा उठ गया। एसएसपी ने बताया कि संयोगिता नगर निगम में कर्मचारी है। उसके मौहल्ले में ही रहने वाले रिश्ते के भतीजे अमित से अवैध संबंध थे। मौहल्ले में अवैध संबंधों की चर्चा होने पर संयोगिता ने मिस्सरपुर में पहले से ली हुई जमीन पर मकान बनवाया। मकान बनाने का पूरा काम अमित कटारिया की देखरेख में हुआ। मिस्सरपुर में मकान बनने के बाद दोनों वहां मिलने लगे। अमित की नजर संयोगिता की कनखल एवं मिसरपुर स्थित सवा करोड़ से ऊपर की संपत्ति पर थी। जिसका एकलौता वारिस यश उर्फ कृष था। यश को अपनी मां संयोगिता और अमित के बीच अवैध संबंधों की जानकारी होने पर वह संयोगिता को अमित से मिलने के लिए मना करने लगा था। संयोगिता ने इस बात की जानकारी अमित को दी थी। संपत्ति के लालच और अवैध संबंधों में बाधा बनने के चलते अमित ने यश की हत्या की योजना बनायी और 31 दिसंबर की शाम नए साल की पार्टी करने के बहाने उसे अपने साथ ले गया और परिचित राहुल और विशाल के साथ मिस्सरपुर के पास चारों लोगों ने शराब पी। इसके बाद अमित ने उन दोनों लड़कों को घर भेज दिया और यश को बैरागी कैंप ले जाकर फिर शराब पिलाई और जब वह नशे में हो गया तो पहले रस्सी से गला दबाकर और फिर सिर पर पत्थरों से वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या को एक्सीडेंट का रूप देने के लिए शव और स्कूटी को ढलान से नीचे नदी की और लुढ़का दिया। हत्या करने के बाद अमित आधी रात को मृतक की मां संयोगिता के मिस्सरपुर वाले घर पहुंचा। संयोगिता ने उससे अपने बेटे के घर न आने व जूतों पर लगे लाल धब्बों के बारे में पूछा तो अमित कटारिया ने चतुराई दिखाते हुए जूते में पान की पिक लगने की बात बताई। साथ ही बताया कि यश शायद अपने दोस्तों के साथ चिलम फुंकने गया है। अगली सुबह अमित कटारिया ने अपने एक परिचित छोटू को साथ लेकर मृतक को ढूंढने का नाटक किया। यश का शव मिलने पर पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया तो पता चला कि उसकी बहुत ही नृशंस तरीके से हत्या की गई थी। मृतक के सिर पर चोटें लगी हुई थी एवं गले पर गला घोटने का निशान भी था। इसके बाद पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर हत्या करने के दौरान पहनी गयी खून से सनी उसकी टी शर्ट व मृतक यश उर्फ कृष का मोबाईल फोन बरामद कर लिया। पुलिस टीम में सीओ सिटी जुही मनराल,कनखल थाना प्रभारी अमरचन्द शर्मा,एसएसआई बबलू चौहान,एसआई भजराम चौहान,एसआई कमलकांत रतूड़ी,एसआई धनराम शर्मा,हेडकांस्टेबल सतेंद्र सिंह,रविंद्र तोमर,कांस्टेबल मनीष रावत,बलवंत सिंह,सतेंद्र सिंह,उमेद सिंह,अरविन्द नौटियाल,संजू सैनी शामिल रहे।