साधना से परब्रह्म की प्राप्ति संभव: डा. पण्ड्या
हरिद्वार।देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में कुलाधिपति डॉ.प्रणव पण्ड्या ने कहा कि मनोयोगपूर्वक की गयी सात्विक साधना में इतनी शक्ति होती है कि साधक को परब्रह्म की प्राप्ति हो सकती है। कुलाधिपति डॉ.पण्ड्या देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित नवरात्र साधना सत्संग शृंखला के सातवें दिन देश विदेश से आये गायत्री साधकों एवं देसंविवि के युवाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मनु, सतरूपा, स्वामी रामकृष्ण परमहंस आदि ने कठोर तप, साधना से विशेष शक्तियाँ प्राप्त की थी। परमात्म से मिलन का उपाय साधना, उपासना को बतलाया गया है। किन्तु यह उपाय भी तभी सफल होते हैं जब इनमें भी अटूट श्रद्धा, समर्पण हो। यह श्रद्धा, भक्ति, आस्था, विश्वास आदि किसी रूप में भी हो सकता है। श्रद्धा से रहित कोई भी साधना सफल नहीं हो सकती। प्रेम की व्याकुलता ही परमात्मा से मिलाने में समर्थ है। इससे पूर्व ‘मेरे घटवासी राम....’सुमधुर गीत से संगीत विभाग ने साधकों के मन को भावविभोर कर दिया।