सभी विभाग आवंटित धनराशि का वित्तीय वर्ष के अन्त तक उपयोग करें-विनय शंकर पाण्डेय

 जिलाधिकारी ने जिला योजना,राज्य सैक्टर,योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिए निर्देश


हरिद्वार। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय ने जिला योजना, राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित एवं वाह्य सहायतित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकरी निर्माणदायी संस्थाओं को निर्देश दिये कि उन्हे जो भी धनराशि आवंटित की गयी उसका वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक शत प्रतिशत उपयोग करते हुए निर्धारित भौतिक उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश दिये हैं। उन्होने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि निर्माण कार्यो में गुणवत्ता की अनदेखी किये जाने पर सम्बन्धित अधिकारी की जवाबदेही तय की जायेगी। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जिला योजना, राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित एवं वाह्य सहायतित योजनाओं समीक्षा बैठक में प्रगति की जानकारी ले रहे थे। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को मार्च 2023 तक अवमुक्त धनराशि का शतप्रतिशत व्यय कर गुणवत्ता के साथ लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिये है। जिलाधिकारी ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को निर्देश दिये कि जिला स्तर पर जो भी शेष धनराशि अवमुक्त की जानी है उसे प्राथमिकता के आधार पर विभागों को अवमुक्त करना सुनिश्चित करें। लोक निर्माण विभाग रुड़की के अधिकारियों के द्वारा बैठक में प्रतिभाग नहीं करने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए निर्देश दिये कि आगामी बैठकों में प्रतिभाग नहीं करने पर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। गंगा प्रदूषण ईकाई द्वारा अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष धीमी प्रगति पर नाराजगी प्रकट करते हुए मुख्य विकास अधिकारी को हर 15 दिन में विभागों की कार्यप्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिये हैं। जनपद में डीएपी फर्टीलाईजर,खाद् के पादरर्शी व समान रुप से वितरण को लेकर  जिलाधिकारी ने सहकारिता विभाग के अधिकरियों को निर्देश दिये कि आगे डीएपी का जो भी लॉट रेक ट्रेन द्वारा यहां आता है इसकी तत्काल सूचना उन्हे प्राथमिकता के आधार पर देना सुनिश्चित करें। जिलाधिकरी ने कहा कि डीएपी फटीर्लाईजर के वितरण की असमानता को लेकर अक्सर शिकायतें प्राप्त होती है जिनका निस्तारण करना उनकी प्राथमिकता में है। कहा कि अगले डीएपी लॉट के किसानों में वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाया जायेगा। इसके अलावा जिलाधिकारी ने बीस सूत्री कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए डी श्रेणी में शामिल विभागों को प्रगति लाते हुए ए श्रेणी प्राप्त करने के निर्देश दिये हैं। बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नन्दनी ध्यानी ने जिलाधिकारी को विभिन्न योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि जिला योजना के तहत 26 करोड़ 97 लाख की धनराशि विभागों को अवमुक्त की गयी है जिसमें से लगभग 40 प्रतिशत व्यय किया गया है। इसी प्रकार राज्य सैक्टर के तहत अवमुक्त 255 करोड के सापेक्ष 86 प्रतिशत, केन्द्र पोषित योजना के तहत अवमुक्त 291 करोड़ के सापेक्ष 88 जबकि वाह्य सहायतित योजना के तहत अवमुक्त 45 करोड़ के सापेक्ष 23 प्रतिशत वित्तीय प्रगति शामिल है। बैठक में सीडीओ प्रतीक जैन,पीडी डीआरडीए विक्रम सिंह,डीडीओ वेद प्रकाश, जिला शिक्षाधिकारी बैसिक एसपी सेमवाल,जिला पर्यटन विकास अधिकारी एसएस यादव, डीपीआरओ अतुल प्रताप,जिला उद्यान अधिकारी नरेन्द्र यादव सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।