उपभोक्ता आयोग ने दिए बीमा कम्पनी को एक लाख 64हजार देने के आदेश

 हरिद्वार। जिला उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी करने के मामले में बीमा कंपनी को दोषी पाया है। आयोग ने उपचार में खर्च हुई धनराशि एक लाख 64 हजार 808 रुपये का भुगतान छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से, क्षतिपूर्ति के रूप में दो हजार रुपये व शिकायत खर्च और अधिवक्ता फीस के रूप में दो हजार रुपये की धनराशि शिकायतकर्ता महिला को अदा करने के आदेश दिए हैं। ग्राम शाहपुर शीतला खेड़ा निवासी शिकायतकर्ता महिला रेखा रानी ने प्रभारी अधिकारी बजाज एलाइंज जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड पुणे महाराष्ट्र व आर्यनगर ज्वालापुर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता महिला ने बताया था कि 29 जुलाई 2019 को बीमा कंपनी से ऑनलाइन हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी योजना के तहत पूरे परिवार के लिए फुल रिस्क कवर हेल्थ पॉलिसी ली थी। शिकायतकर्ता नियमित रूप से उक्त पॉलिसी की प्रीमियम किश्त 12 हजार 710 रुपये जमा करता आ रहा है। बीमा पॉलिसी की अवधि में शिकायतकर्ता महिला ने अपनी शौच की नली व बच्चेदानी में कैंसर का उपचार निजी अस्पताल में कराया था। शिकायतकर्ता के पति ने उपचार की सूचना बीमा कंपनी के कर्मचारियों को दी। शिकायतकर्ता के ऑपरेशन में साढ़े तीन लाख रुपये का खर्च, खाना, ट्रांसपोर्ट व अन्य मदों में भी खर्च हुई धनराशि के बिल बीमा कंपनी को दिए थे। इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने सभी कागजात बीमा कंपनी को उपलब्ध कराए थे। इसके तहत शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी से उपचार खर्च पैसे की मांग की थी। लेकिन बीमा कंपनी ने शिकायतकर्ता महिला को बीमा क्लेम राशि का भुगतान नहीं किया था। यही नहीं, बीमा कंपनी पर अन्य बीमा पॉलिसी की प्रीमियम किश्त 1357 रुपये बैंक से निकालने व दूसरी किश्त जमा कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। बीमा कंपनी की ओर से कोई सुनवाई नहीं करने पर शिकायतकर्ता ने आयोग की शरण ली थी। आयोग के अध्यक्ष कंवर सैन सदस्य अंजना चड्ढा व विपिन कुमार ने बीमा कंपनी को उपभोक्ता सेवा में कमी करने का दोषी ठहराया है।