विधायको के वेतन बढ़ाने का किसान मोर्चा ने किया विरोध,दी आंदोलन की चेतावनी

 हरिद्वार। संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार द्वारा विधायकों के वेतन, भत्तों आदि सुविधाओं को बढ़ाने का विरोध विधायकों के बढ़ाए गए वेतन को तत्काल वापस लेने की मांग की है। कहा कि अगर पेंशन वेतन बढ़ाया जाता है तो किसानो को फसलो का खरीद मूल्य भी बढ़ना चाहिए। सोमवार को हरिद्वार प्रेस क्लब में पत्रकारो से वार्ता करते हुए भारतीय किसान यूनियन के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चैधरी ने बताया कि यूनियन प्रदेश में विधायकों के बढ़ाए गए वेतन और भत्तों का विरोध करती है। यदि प्रदेश सरकार जल्द से जल्द विधायकों के बढ़ाए गए वेतन और आदि सुविधाओं को वापस नहीं लेती है, तो भारतीय किसान यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन लिए बाध्य होगी। कहा कि 1 लाख 60 हजार से बढ़ाकर किया गया 3 लाख 20 हजार रुपये,विधायकों की कई कई पेंशन लेने का किया विरोध, कहा एक पेंशन देने की की मांग,गरीब आदमी को मिलने वाली पेशन को बड़ा कर 5 हजार करने, 300 यूनिट तक बिजली फ्री करने, विधायको के वेतन की तरह किसानों की फसल के दाम बढ़ाने की मांग की,मांगे पूरी नही होने पर जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन देने के बाद भी कारवाई नही होने पर राजधानीं देहरादून में प्रदर्शन किया जायेगा। उन्होने कहा कि किसान और मजदूर की मेहनत की कमाई को इस तरह लुटाया नहीं जा सकता है। सरकार को चाहिए कि वह अन्य प्रदेशों की भांति किसानों को मुफ्त बिजली, फसलों पर सब्सिडी और गरीबों को दी जाने वाली पेंशन में बढ़ोत्तरी करे। जिला अध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि जहां एक ओर देश में डीजल, पेट्रोल, खाद, दवाईयों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर किसानों को उनकी फसल का उचित दाम भी नहीं मिल पा रहा है। इस अवसर पर उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड, बालेंद्र सिंह, मोहम्मद इसरार, आजम अली, आदि किसान मौजूद थे।