क्रांतिकारी विचारों के धनी थे सरदार भगत सिंह-पंडित अधीर कौशिक


 हरिद्वार। शहीद दिवस के अवसर पर श्री अखण्ड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक के संयोजन में कार्यकर्ताओं ने भगत सिंह चैक स्थित शहीदे आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की। पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि शौर्य, समर्पण, बलिदान की प्रतिमूर्ति स्वतंत्रता संग्राम के अमर सिपाही महान क्रांतिकारी सरदार भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरू सहित तमाम शहीदों को कोटि कोटि नमन। भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में देश के युवाओं ने अपने प्राणों को न्यौछावर कर भारत को आजाद कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शहीद दिवस पर उन वीर बलिदानियों के बलिदान और देशभक्ति को नमन। ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरू के विचार आज भी युवाओं को प्रेरणा देते हैं। सरदार भगत सिंह ने 23 वर्ष की आयु में हसंते-हसंते फांसी का फंदा चूम लिया। सरदार भगत सिंह अद्भूत क्रांतिकारी विचारों के धनी थे। देश के प्रत्येक वर्ग के मन में देशभक्ति और क्रान्ति की मशाल जलाने वाले सरदार भगत सिंह ने ही पहली बार ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा दिया था। शहीद भगत सिंह का मानना था कि व्यक्ति को मारा तो जा सकता है परन्तु उसके विचारों को दबाया नहीं जा सकता। इस अवसर पर सुनील प्रजापति, पंडित पवन कृष्ण शास्त्री, शीतल उपाध्याय, आशीष गौड़, दीपक आदि मौजूद रहे।