यूक्रेन में फंसे भारतीयों की कुशलता के लिए भी मंत्रों से आहुति डाली


 हरिद्वार। आर्य वानप्रस्थ आश्रम के ज्वालापुर हरिद्वार यज्ञशाला में मधुसूदन आर्य एवं सत्यवती आर्य द्वारा यजुर्वेद परायण यज्ञ चल रहा है। यज्ञ के ब्रह्मा डॉक्टर दीनदयाल गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार तथा वेद पाठी ब्रह्मचारी मनीष एवं नितीश ने सहयोग किया। यज्ञ में यजुर्वेद के 1975 मंत्रों का उच्चारण किया जा रहा है। यज्ञ की पूर्णाहूति 10 मार्च को होगी। इस मौके पर मधुसूदन आर्य ने कहा कि मनुष्य को उन्नत जीवन की योग्यता व्रत से प्राप्त होती है, जिसे दीक्षा कहते हैं। दीक्षा से दक्षिणा यानी जो कुछ किया जा रहा है, उसमें सफलता मिलती है। इससे श्रद्धा जागती है और श्रद्धा से सत्य की यानी जीवन के लक्ष्य की प्राप्ति होती है, जो उसका अंतिम निष्कर्ष है। यज्ञ के मुख्य यजमान मधुसूदन आर्य एवं सत्यवती आर्य है यज्ञ में भारत के यूक्रेन में फंसे भारतीयों की कुशलता के लिए भी मंत्रों से आहुति डाली गई। यज्ञ में आर के गुप्ता,शशि गुप्ता,नरेंद्र बंसल, सरोज बंसल, सारिका खंडेलवाल, कमला अग्रवाल,प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव,सुबोध कुमार गुप्ता, शशि अग्रवाल,डॉ विशाल गर्ग एवं उनका परिवार,डॉक्टर शिवि अग्रवाल, आर बी माथुर, त्रिलोक माथुर,मधु माथुर,डॉ मोनिका अग्रवाल,अमित अग्रवाल,विशेष कुमार,दीप्ति अग्रवाल,विष्णु कुमार अग्रवाल,शगुन अग्रवाल, डॉक्टर सुशीला श्रीवास्तव, सरिता,राजीव गुप्ता, जे के शर्मा, राजीव राय, विमल कुमार गर्ग,आर के गर्ग, जगदीश लाल पाहवा, भगवती प्रसाद, गोविल, अनिल कुमार, विमला गुप्ता एवं आश्रम मंत्री सविता शर्मा, लता सोनी, हरिनारायण शर्मा एवं वानप्रस्थ के सभी का सहयोग रहा