अमावस्या के मौके पर श्रद्वालुओं ने नारायणी शिला पर किए श्राद्वकर्म

 हरिद्वार। फाल्गुन अमावस्या के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्वालुओं ने गंगा स्नान कर सुख-समृद्वि की कामना की। अमावस्या पर्व के दौरान मायापुर स्थित नारायणी शिला पर बड़ी संख्या में श्रद्धालओं ने अपने पितरों के निमितृ श्राद्वकर्म किए। नारायणी शिला के प्रमुख पंडित मनोज शास्त्री के अनुसार फाल्गुन की अमावस्या के पर्व पर बुधवार के दिन शुभ और सिद्ध योग में होने वाली अमावस्या का पितृदोष के लिए विशेष महत्व है। जिन लोगों को उनके जीवन में पितरों के कारण व्यापार में परेशानी अथवा रोग देखना पड़ रहा है, उन लोगों को नारायणी शिला मंदिर में श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान पित्र दोष की पूजा कराने से लाभ होता है। फाल्गुन की अमावस्या पर पितरों के दोष दूर करने के लिए श्रद्धालु पिंडदान एवं तर्पण करने गंगा घाट पर पहुंचते हैं। गंगा घाट पर स्नान करने के बाद वह पिंडदान एवं तर्पण की क्रिया को पूर्ण करते हैं। इस ही कारण बुधवार को हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली।