प्रधानमंत्री ने सन्यास परम्पराओं को बल दिया है-निरंजन पीठाधीश्वर

 प्रधानमंत्री ने सन्यास परम्पराओं को बल दिया है-निरंजन पीठाधीश्वर


पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संन्यास परंपराओं को बल दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी को केवल राजनीतिक और आध्यात्मिक ही नहीं बल्कि बहुत शास्त्रों का ज्ञान भी है। केदारनाथ में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से हरिद्वार लौटे आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ में संतों का सम्मान कर स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने अपने उद्बोधन के दौरान दर्शन वेदांत को भी स्पर्श किया। इससे लगा कि वह केवल राजनीतिक ही या अध्यात्मिक नहीं बल्कि परम ज्ञानी भी है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश लगातार आगे बढ़ रहा है। संत महापुरुषों ने हमेशा देश और समाज के कल्याण के लिए कार्य किया है। आदि गुरु शंकराचार्य ने सनातन धर्म को स्थापित किया और जगाया है। आज केदारनाथ में उनकी मूर्ति का अनावरण कर प्रधानमंत्री ने सराहनीय कार्य किया है। आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और युवा पीढ़ी धर्म के प्रति अग्रसर हो रही है। स्वामी बालकानंद गिरी महाराज ने कहा कि धर्म के संरक्षण संवर्धन में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी चाहिए क्योंकि एकजुटता से ही समाज को उन्नति की ओर अग्रसर किया जा सकता है और राष्ट्र की एकता अखंडता कायम रखी जा सकती है। इस अवसर पर स्वामी सुरेश पुरी, आचार्य मनीष जोशी, स्वामी अवंतिका नंद ब्रह्मचारी, स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी आदि मौजूद रहे।