अगामी चुनाव में हार को देखकर लिया गया कृषि कानून वापस-राय

 हरिद्वार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानून वापस ले लिए जाने की घोषणा करने को किसानों की बड़ी जीत बताते हुए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ग्राम सराय में किसानों के साथ मिलकर दीपावली मनाई। इसे अन्नदाता की जीत और हठधर्मी सरकार की हार बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि आखिरकार देश का अन्नदाता जीत गया। एक साल से किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। दिल्ली के कोई बॉर्डर सहित देश के कई क्षेत्रों में किसान आंदोलनरत हैं। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की बात कही जिससे सभी क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। आम आदमी पार्टी के हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी नरेश शर्मा के नेतृत्व में ग्राम सराय में कार्यकर्ताओं और किसानों ने दीपावली मना कर खुशियां जताई। इस दौरान नरेश शर्मा ने कहा कि सरकार जिस तरह से हठधर्मिता पर पड़ी हुई थी तथा दमनात्मक रवैया अपना रही थी। तीनों कानून वापस लिए जाने की घोषणा होने पर किसानों की बड़ी जीत हुई है। तीनों कानूनों को वापस लेकर सरकार ने यह स्वीकार भी कर लिया है कि यह सरकार की नैतिक हार है। नरेश शर्मा ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आज हर वर्ग परेशान है। युवाओं के पास रोजगार नहीं है। आम जनता महंगाई से त्रस्त है। भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। किसी की कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में जनता भाजपा को माफ नहीं करेगी। नरेश ने कहा कि जनता के गुस्से को भांपते हुए ही सरकार अब बैकफुट पर आ रही है। इस दौरान पटाखे चलाकर सरकार की हार पर खुशियां मनाई गई। खुशी जताने वालों में संजीव नारंग, अंकुर बागड़ी, खालिद मलिक, रजनीश यादव, अंकित शर्मा, मुमताज, अमरीश गिरी, राजेश गौतम, मनोज कश्यप समेत बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे। वही आम आदमी पार्टी के रानीपुर विधानसभा प्रभारी एवं पूर्वांचल प्रकोष्ठ उत्तराखंड के अध्यक्ष प्रशांत राय ने कहा कि आखिरकार मोदी सरकार को अपनी गलती का एहसास हो ही गया और उन्होंने काले कृषि कानून को वापस लेने का निर्णय लिया। लेकिन देश की जनता मोदी सरकार को माफ करने वाले नहीं हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका कोई लाभ नहीं मिलने वाला है।  मीडिया को जारी बयान में प्रशांत राय ने कहा कि काले कृषि कानून को किसानों को लगातार 2 वर्षों तक सर्दी, गर्मी और बरसात में सड़कों पर गुजार कर विरोध करना पड़ा। लेकिन मोदी सरकार के कानों पर जूं नहीं रहेंगे। इस दौरान किसानों का साथ देने वाले राजनीतिक दलों को भी उन्होंने देश विरोधी बताया। चुनाव नजदीक आते ही उन्होंने मौकापरस्त पैतरा दिखाते हुए कृषि के काले कानूनों वापस लेने का निर्णय लिया। 700 किसानों की शहादत के बाद सरकार का यह फैसला गले नहीं उतर रहा है। प्रशांत ने कहा आम आदमी पार्टी जनता से अपील करती है कि केंद्र सरकार के बहकावे में ना आएं। जनता के हित में कार्य करने वाली सरकार का चुनाव करें। इस मौके पीयूष पाल पवन धीमान, पवन कुमार, सुंदर पाल, जिला सोशल मीडिया प्रभारी, पुलकित गोयल, पवन ठाकुर, अजय राय, अनीश यादव, सुजीत गुप्ता अनूप मेहता रघुवीर सिंह आकाश चैहान राकेश लोहाट सहित अन्य लोग मौजूद रहे।