केन्द्र के साथ मिलकर राज्य को आध्यात्मिक राजधानी बनाने का कार्य किया जा रहा है-धामी

 मुख्यमंत्री ने लोकपर्व इगास के दिन सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की



हरिद्वार। - मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 14 नवंबर को पहाड़ी लोकपर्व इगास पर्व पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की ओर कार्य किया जा रहा है। देश में वर्ष 2025 तक उत्तराखंड की अपनी विशेष पहचान होगी। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कृष्णायन गोशाला बसोचन्दपुर में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। गोपाष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय हमारी संस्कृति से जुड़ी हैं। सनातन धर्म में गाय की पूजा का विशेष महत्व रहा है। सरकार ने निर्णय लिया है कि गोसंरक्षण के लिए हर शहर में गोशाला का निर्माण किया जाएगा। जिससे शहर और देहात क्षेत्र में बेसहारा घूमते गोवंश की सुरक्षा और संरक्षण किया जा सके। इस दौरान उन्होंने अपने बीते दो माह की सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न्याय पंचायत लालढांग के 14 गांवों में 3205.27 लाख रुपये की लागत से बनने वाली पंपिंग पेयजल योजना का शिलान्यास किया। इनमें विकासखण्ड बहादराबाद के विभिन्न ग्रामों के लिए जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्राम गैण्डीखाता में 2.39 करोड़, ग्राम कांगड़ी में 2 करोड़, ग्राम लहाड़पुर में 97 लाख, ग्राम लालढांग में 4.40 करोड़, ग्राम सज्जनपुर पीली में 1.75 करोड़, ग्राम श्यामपुर नौआबाद में 1.71 करोड़, ग्राम नौरंगाबाद में 2 करोड़, ग्राम अहमदपुर चिड़ियापुर में 1.33 करोड़, ग्राम रसूलपुर मिट्ठीबेरी में 3.29 करोड़, ग्राम गाजीवाली में 2.80 करोड़, ग्राम तपड़ोवाली (गुज्जर बस्ती) में 4.37 करोड़, ग्राम जसपुर चमरिया में 2.22 करोड़, ग्राम समसपुर कटेबड़ में 96.02 लाख, ग्राम पीली पड़ाव में 2.84 करोड़ की पम्पिंग पेयजल योजनाओं के निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कृष्णायन गोशाला तक पहुंचने में 3 किलोमीटर सड़क का डामरीकरण और गंगा नदी से कटाव रोकने को तटबंध का निर्माण कराने की घोषणा भी की। इससे पहले । श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर शहर में गौशालाएं बनाने का काम तेज गति से करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने चार माह के मुख्यमंत्री कार्यकाल में 400 से अधिक निर्णय लिये हैं। उन्होंने कहा कि वे कोई भी फैसला बिना किसी आधार के नहीं करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास सीमित संसाधन है, सीमित संसाधनों से ही सरकार को सभी कार्य करने होते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों ने कई घोषणाएं की, जो आज तक धरातल पर नहीं उतर पायी, लेकिन हमने जो भी घोषणाएं की हैं, वह सभी धरातल पर दिखाई दे रही हैं। वे जो भी घोषणा कर रहे हैं, उसका तुरन्त ही शासनादेश जारी हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखण्ड राज्य के विकास हेतु कार्य किया जा रहा है, वर्ष 2025 में जब उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्णं हो जाएंगे, उस समय उत्तराखण्ड देश का नम्बर एक राज्य बनेगा। इसके लिए सभी से समन्वय बनाकर कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का सांस्कृतिक व आध्यात्मिक राज्य बने इसके लिये हमारे प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में विभिन्न संस्कृति और रीति-रिवाजों को मानने वाले लोग निवास करते हैं, एक तरह से उत्तराखण्ड लघु भारत का रूप है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार का गोसंरक्षण पर पूरा ध्यान है। गोमाता और नन्दी के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा गोशाला योजना बनाई जा रही है। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि हम सभी दूध पीने के बाद गोधन को लावारिस न छोड़ें। कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने पेयजल योजना का शिलान्यास करने पर मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि पहली बार इतनी बड़ी पेयजल योजना का शिलान्यास लालढांग क्षेत्रवासियों के लिए किया गया है। उन्होंने अन्य राज्यों की तर्ज पर गोसंरक्षण को सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि को 7 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये करने की मांग भी रखी। उन्होंने गोपाष्टमी के अवसर पर अपनी निधि से 11 लाख रुपये गोशाला के लिए देने की घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द जी ने कहा कि गोपाष्टमी का पर्व आज 177 देशों में मनाया जा रहा है। कृष्णायन गौशाला का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व की एक मात्र देशी गौशाला हरिद्वार में है। उन्होंने कहा कि गौ, गीता, गंगा तथा साधू-सन्तों से भारत की पहचान है। उन्होंने कहा कि इस गौशाला में तीन हजार गायें हैं तथा सभी गौशालाओं में कुल 15 हजार गायें हैं। गौरीशंकर गौशाला के संस्थापक बाबा हठयोगी ने कहा कि गाय के दूध के साथ ही उसका संरक्षण करने के लिए कार्य करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर कृष्णायन गौशाला के संरक्षक स्वामी आत्मानन्द, स्वामी अमृतानन्द, स्वामी कमलानन्द, मेयर ऋषिकेश श्रीमती अनिता मंमगाई,एसपी सिटी श्रीमती कमलेश उपाध्याय,एसडीएम श्रीमती संगीता कन्नौजिया, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान मदन सैन, प्रवीण कुमार, अरूण कुमार, रवि शास्त्री, शेखर मेहता सहित संबंधित अधिकारी व पदाधिकारीगण उपस्थित थे।