प्रशिक्षण में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पुलिस उपनिरीक्षकों को प्रदान की ट्राफी

 


हरिद्वार। सशस्त्र प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुलिस उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण पूरा होने पर उप सेनानायक सुरजीत सिंह पंवार ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले उपनिरीक्षक रविन्द्र कुमार, पान सिंह व रामकिशोर अमोला तथा देवेंद्र असवाल को ट्राफी प्रदान की। प्रशिक्षण केंद्र में पुलिस मुख्यालय द्वारा नामित 36 उपनिरीक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। प्रशिक्षण के समापन पर उप सेनानायक सुरजीत सिंह पंवार ने प्रशिक्षुओं को नेतृत्व क्षमता विकसित कर कर्तव्यों के निर्वहन के संबंध में जानकारी देते हुए सर्वांक सर्वाेत्तम प्रशिक्षु रविन्द्र कुमार, बाह्य कक्ष मे प्रथम पान सिंह, अन्तःकक्ष में प्रथम रामकिशोर अमोला एवं प्रशिक्षण के दौरान विशेष कार्यों के लिए देवेंद्र असवाल को ट्रॉफी प्रदान की। एचडीआई संदीप नेगी ने प्रशिक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रशिक्षुओं को वाह्य कक्ष में पदादि, पुलिस प्रशिक्षण, शस्त्रों, फील्ड क्राफ्ट, शारीरिक प्रशिक्षण तथा अन्तःकक्ष में कानून, पुलिस रेगुलेशन, सामान्य प्रशासन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान योगाचार्य दीप्ती सिंह द्वारा योग, संस्कृत विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डा.लक्ष्मी नारायण जोशी द्वारा योगिक उपचार एवम नाड़ी विज्ञान, गुरूकुल कांगड़ी विवि के पर्यावरण विद प्रो.दिनेश भट्ट द्वारा प्रकृति एवं जीव जन्तुओं के मध्य सामंजस्य, मनोचिकित्सक एवं साईक्लोजिस्ट डा.वीना कृष्णन द्वारा नशे से होने वाले दुष्प्रभावों, जेल अधीक्षक मनोज आर्य द्वारा बंदियों के सम्बंध में विस्तृत जानकारी दी गयी। साथ ही प्रशिक्षुओं के स्वस्थ को दृष्टिगत रखते हुए वेलनेस कोच द्वारा बी.एम.आई. टेस्ट करवा कर खान पान के बारे में भी जानकारी दी गयी। मीडिया प्रभारी एवम प्रतिसार निरीक्षक नरेश जखमोला ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण से शारीरिक रूप से काफी फायदा हुआ है तथा एटीसी के प्रशिक्षण स्टाफ द्वारा पूर्ण मनोयोग से प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया। पुलिस उपाधीक्षक मोहनलाल के पर्यवेक्षण में प्रशिक्षण संचालित किया गया। समापन अवसर पर संजय चैहान, भावना कैंथोला सहित अन्तःकक्ष स्टाफ एवम राजेन्द्र लखेडा, सु.सैन्य सहायक सहित वाह्य कक्ष स्टाफ से जुड़े लोग उपस्थित रहे। गौरतलब है कि प्रशिक्षण के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा 75 दारोगाओं को प्रशिक्षण के लिए नामित किया गया था। लेकिन एक वर्ष के अंतराल में सेवानिवृत होने वाले दारोगाओं को प्रशिक्षण से छूट देते हुए 36 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया गया।