रामलीला मंचन के जरिये समाज को सत्य के मार्ग पर चलकर सत्कर्म का मिलता है संदेश


 हरिद्वार। श्री रामलीला समिति (रजि०) मौहल्ला लक्कडहारान ज्वालापुर हरिद्वार उत्तराखंड के 115 वें वर्ष के आयोजन का प्रारम्भ शुक्रवार को भगवान श्री सर्वेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक कर समिति के पदाधिकारीगण व सदस्यगणों ने 114 वर्षों से चली आ रही परम्परा के अनुसार विधिवत तरीके से किया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष राम सरदार ने कहा कि सर्वेश्वर महादेव भक्तों की सूक्ष्म आराधना से ही प्रसन्न होकर उन्हें मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। समिति द्वारा रामलीला मंचन के माध्यम से समाज को सत्य के मार्ग पर अग्रसर होकर सत्कर्म करने का संदेश दिया जाता है। युवा पीढ़ी बड़ी संख्या में समिति के माध्यम से धर्म के महत्व को समझ रही है। हमें अपने बच्चों को संस्कारवान बनाकर धर्म के प्रति समर्पित करना चाहिए। निर्देशक सुरेन्द्र सिखौला ने कहा कि रामलीला मंचन भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन को दर्शाता है। वनवास के दौरान भगवान श्री राम का सत्य के मार्ग पर अग्रसर रहकर असत्य को पराजित करना सभी को धर्म का सकारात्मक संदेश प्रदान करता है। कोषाध्यक्ष राममोहन शर्मा ने कहा कि कोरोना गाइडलाइन के नियमानुसार ही रामलीला का मंचन किया जाएगा साथ ही कोरोना से बचाव के उपाय रामलीला मंचन के माध्यम से धर्म प्रेमियों को बताए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम जन जन के आराध्य हैं और प्रत्येक भारतवासी के कण-कण में विराजमान हैं। भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर सभी को अपने माता पिता के प्रति समर्पण की भावना रखनी चाहिए और सत्य के मार्ग को अपनाना चाहिए। सत्य के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति की सदा ही विजय होती है। इस दौरान समिति के अध्यक्ष श्री राम सरदार, कार्यवाहक अध्यक्ष विशाल सिखौला, मंत्री प्रदीप शर्मा, कोषाध्यक्ष राममोहन शर्मा, , प्रबंधक अमित शास्त्री, दिपांकर चक्रपाणि, शिवांकर चक्रपाणि, उदित वशिष्ठ, आकाश सिखौला, अभय सिखौला, यश शर्मा देवेन्द्र पाण्डेय ,पुरू भारद्वाज, शिवम अधिकारी, पारुल चक्रपाणि आदि उपस्थित रहे।