ईश्वरीय कृपा से पूरी होती हैं सभी मनोकामनाएं-म.म.स्वामी संतोषानंद

 हरिद्वार। अवधूत मण्डल आश्रम के परमाध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी संतोषानंद महाराज ने कहा कि सच्चे मन से ईश्वर की आराधना करने वाले व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी संतोषानंद महाराज ने कहा कि सनातन धर्म व भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार में संत समाज अतुलनीय योगदान देता चला आ रहा है। धर्म का ज्ञान प्रत्येक सनातनी को होना चाहिए। भारतीय संस्कृति व सनातन परंपराएं देश दुनिया में अपनायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि धर्म के मार्ग पर चलकर राष्ट्र की उन्नति में अपना योगदान दें। सच्चे मन से की गयी ईश्वर भक्ति अवश्य ही परिवारों में सुख समृद्धि का वास देती है। महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति में ज्ञान का भण्डार है। संत महापुरूषों के सानिध्य में संस्कृति को जानने की आवश्यकता है। व्यक्ति को कभी भी किसी का अहित नहीं करना चाहिए। मानव कल्याण में योगदान दें। भगवान भक्त की मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण करते हैं। ईश्वर भक्ति ही व्यक्ति की सफलता का मार्ग प्रशस्त करने का साधन है। निस्वार्थ सेवा से ही कर्म करने की आवश्यकता है। गरीब, असहाय, निर्धन परिवारों के उत्थान में मिलजुल कर प्रयास करने चाहिए। मानव सेवा ही सच्ची माधव सेवा है। प्रण लेकर सेवा में जुट जाएं। इस अवसर पर महंत रविदेव शास्त्री, महंत दिनेश दास, महंत साधनानंद, महंत सूरजदास, महंत दामोदर शरण दास, निरंजन स्वामी, स्वामी सत्यव्रतानंद सहित कई संत महंतों ने गुरू को परमात्मा का दूसरा रूप बताया।