सिडकुल की कम्पनी से निष्कासित श्रमिकों के समर्थन में प्रदर्शन,भेजा ज्ञापन

 हरिद्वार। सिडकुल की एक कंपनी से निष्कासित श्रमिकों पर मुकदमे दर्ज करने पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का गुस्सा फूट पड़ा। भगत सिंह चैक से सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक किसानों ने रैली निकाली। इसके बाद कार्यालय पर सांकेतिक धरना देकर यूनियन ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कर्मचारियों की मांगों को न मानने और उन पर दर्ज मुकदमे वापस न लेने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि कंपनी प्रबंधन ने पिछले 4 सालों में अपने 300 स्थाई श्रमिकों को बिना कारण बताए नौकरी से निकाल दिया। श्रमिक अपनी बहाली की मांग को लेकर कंपनी प्रबंधन, श्रम विभाग आदि सक्षम अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मजबूरन श्रमिक 8 जुलाई से कंपनी के मुख्यद्वार पर शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। लेकिन 22 जुलाई को श्रमिक व उनके परिवार, बच्चों को सुबह पांच बजे पुलिस प्रशासन बलपूर्वक उठा दिया। 13 लोगों को जेल भेज दिया गया। अन्य करीब 250 श्रमिक और उनकी पत्नियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए। श्रमिकों व उनके परिवार पर दर्ज मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएं। कहा जब तक पीडि़त श्रमिकों को न्याय नहीं मिलेगा तब तक उनके साथ किसान यूनियन खड़ी रहेगी। इस दौरान संजय चैधरी, रामपाल सिंह, रवि कुमार, गुलशन रोड, सत्यम, राहुल, वारिस, पवन, अमित गुप्ता, सुबा सिंह ढिल्लो, पंकज, जसकरण सिंह, विक्रमजीत सिंह, मनजीत सिंह, जसमीत सिंह आदि उपस्थित रहे।