चर्तुथ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ का विरोध प्रदर्शन चैथे दिन भी जारी

 


हरिद्वार। कमल मिश्रा-चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य उत्तराखंड का काली फीती बांधकर आंदोलन करने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा ने प्रदेश उपाध्यक्ष नेलसन अरोड़ा महामन्त्री सुनील अधिकारी प्रवक्ता शिवनारायण सिंह के साथ गांधी शताब्दी चिकित्सालय, दून मेडिकल कालेज, सी एम ओ कार्यालय देहरादून का भ्रमण किया तथा जिला अध्यक्ष गुरुप्रसाद गोदियाल जिला मंत्री त्रिभुवन पाल को द्वितीय चरण में मंत्री,विधायक को अपनी पीड़ा से अवगत कराते हुए ज्ञापन प्रेषित करेंगे। माननीयों को अवगत कराएंगे कर्मचारियों की पदोन्नति कई वर्षों से नही होने तथा हाई स्कूल से कम वाले जो बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं। उनका कार्य अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मियों से भिन्न है उनको टेक्निकल करते हुए अगला ग्रैड वेतन 4200 दिया जाए जिससे कि वो सम्मानजनक सेवानिवृत्त हो सके। जिला अध्यक्ष गुरु प्रसाद गोदियाल जिला मंत्री त्रिभुवन पाल संगठन सचिव सुरेंद्र कश्यप, विपिन नेगी दिनेश गुसाईं ने कहा कि आंदोलन जब तक चलेगा जब तक हमारी मांगो का हल नही निकलता है स्वास्थ्य विभाग में हर संवर्ग की पदोन्नति हो गई है किंतु सबसे छोटे संवर्ग की सुध लेने वाला कोई नहीं है। कोरोना महामारी में सबसे अग्रिम पंक्ति में वार्डबॉय, वार्ड आया, स्वच्छक ने अपनी ओर अपने परिवार की जान की परवाह किए बिना अपनी ड्यूटी पर तठस्थ रहे किन्तु जब पदोन्नति का समय आया तो कर्मचारियों की किसी को याद नहीं। अत्यंत दुःखद एक प्रदेश में दोहरी व्यवस्था पशुपालन विभाग में चतुर्थ श्रेणी को वेक्सीनेटर बना दिया गया, वन विभाग में चतुर्थ श्रेणी को वन आरक्षी बना दिया, उद्यान विभाग में माली को टेक्निकल कर दिया किन्तु स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के लिए कोई व्यवस्था नही है जल्द ही समय लेकर मुख्यमंत्री को इस संबंध में अवगत कराया जाएगा। कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में सांकेतिक नारेबाजी की। काली फीती बांधकर प्रदर्शन करने वालों में गुरुप्रसाद गोदियाल, नेलसन अरोड़ा, सुनील अधिकारी, दिनेश गुसाईं, सुरेंद्र कश्यप, रवि, विपिन सेमवाल, आशा, शैलेन्द्र, नवीन शर्मा, नवीन नवानि,राकेश कुमार, सुभाष सिंह, फुलपतता, छात्रपाल सिंह, मोहित, दीपक धवन राकेश भँवर, संदीप, शीशपाल, पवन, अवनीश, कमल, अरुण, संतोष, अनिता, ममता, अजय रानी, मुन्नी देवी इत्यादि शामिल रहे।