44 संशोधित श्रम कानून श्रमिकों के हितों विपरीत, तत्काल किया जाये निरस्त-हीरा सिंह बिष्ट

 हरिद्वार। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट ने कहा कि भाजपा राज में हर वर्ग परेशान है। महंगाई चरम सीमा पर पहुंच गई है। जिससे हर वर्ग के सामने परेशानी खड़ी हुई है। राज्य सरकार श्रमिक विरोधी नीतियां ला रही है जो बहुत ही निदंनीय है। बुधवार को भेल स्थित इंटक कार्यालय पर आयोजित जिला स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री बिष्ट ने दोहराया कि केन्द्र सरकार पूरी तरह से श्रमिक विरोधी है। सम्मेलन में कार्यकारिणी में श्रमिकों के हितों के लिए 17 प्रस्ताव पारित किए गए। उन्होने उपस्थित श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के हितों के खिलाफ जल्दबाजी में तीन कृषि कानून पारित किए हैं। 44 संशोधित श्रम कानून श्रमिकों के हितों विपरीत हैं। इन कानूनों को निरस्त किया जाए। कहा कि उत्तराखंड के हित में सख्त भू-कानून बनाया जाना चाहिए। जिससे भूमाफिया का बढ़ता प्रभाव रोका जा सके। उन्होंने कहा कि केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहाल और लॉकडाउन व प्रतिबंधों से प्रभावित असंगठित क्षेत्र व बंद उद्योगों के श्रमिकों, प्रवासी श्रमिक व बेरोजगारों को 7500 मासिक आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाए। कहा कि भाजपा सरकार लगातार सार्वजनिक और सरकारी उपक्रमों का तेजी से निजीकरण कर रही है। जिससे युवाओं का भविष्य भी अंधेर में चला जाएगा। रेलवे, ऊर्जा निगम, हवाई अड्डे, बंदरगाह, कोयला खानें, रक्षा उत्पादन, स्टील प्लांट, एमटीएनएल, तेल कंपनी, बीएसएनएल और बैंक इंश्योरेंस आदि की नीलामी और निजीकरण को बंद किया जाए। इंटक के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भेल महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री राजबीर सिंह चैहान ने कहा कि कोरोना काल में चिकित्सक, नर्स, सफाई कर्मचारी, ऊर्जा कर्मी, स्वयंसेवी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकत्री, पुलिस कर्मी आदि रात दिन जनता की सेवा में लगे हुए हैं। सभी को विशिष्ट परिस्थितियों में काम करने के लिए विशेष प्रोत्साहन भत्ता दिया जाए। सरकारी नौकरी स्वीकृत करें और कोरोना में दिवंगत हुए श्रमिकों पर भी ये व्यवस्था लागू की जाए। इसके साथ ही परिवहन, नगर निगम, नगर पालिका, ऊर्जा निगम, जल संस्थान और उपनल कर्मचारियों के लिए भी लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड के कारण पैदा हुई बेरोजगारी को कम करने के लिए उत्तराखंड में सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं निगमों में रिक्त पदों को संविदा-आउटसोर्स कर्मचारियों को वरियता देते हुए नियुक्तियां की जाए। ईएसआई से संबंधित सभी कर्मचारियों को कोरोना महामारी में निःशुल्क चिकित्सा के लिए शासनादेश जारी किया जाए। इस दौरान प्रमुख महामंत्री एपी अमोली, यूथ प्रदेश अध्यक्ष संग्राम सिंह पुंडीर, जिलाध्यक्ष भगत सिंह, जिला पंचायत सदस्य रोशन लाल, जगदीश बहुगुणा, संजय बिष्ट, राहुल चैहान, सुकरम पाल, बीएस तेजियान, तेलूराम, मुकुल सिंह, मनोज यादव, राजेंद्र चैहान, कैलाश चंद, अंबरीश प्रजापति, रवि बहादुर, राजेंद्र रावत, मंजूर खान, सचिन चैहान, मुकुलराज, मनोज यादव, संदीप चैहान, अमित सिंह, विकास नंदवाला आदि शामिल रहे।