प्रदेश अध्यक्ष को संरक्षकों को निष्कासित करने का अधिकार नहीं होता

 हरिद्वार। प्रदेश व्यापार मण्डल की ओर से अध्यक्ष द्वारा निष्कासित किये जाने के मामले में मुकेश भार्गव और मनोज सिंघल ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजीव चैधरी ने हाल ही में उन्हें संरक्षक मंडल से निष्कासित करने की जानकारी दी। जबकि वह संरक्षक का पद छह माह पहले ही प्रदेश अध्यक्ष के निजी हितों को देखते हुए छोड़ चुके थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को संरक्षकों को निष्कासित करने का अधिकार नहीं होता है। संरक्षक मंडल के सदस्यों के पास ही प्रदेश और जिले के पदाधिकारियों को नियुक्त और पद से कार्यमुक्त करने का अधिकार होता है। जारी बयान में मुकेश भार्गव और मनोज सिंघल ने आरोप लगाया कि अपने निजी स्वार्थों के लिए बनाए गए प्रदेश व्यापार मंडल के स्वयंभू नेता अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने एवं अपने निजी हितों को आम व्यापारियों पर थोपने का काम कर रहे हैं। उनको रोकने के लिए संरक्षक मंडल के सदस्यों ने लगातार चेतावनी दी। लेकिन उसके बाद भी वह अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए पद का दुरुपयोग कर रहे थे। प्रदेश में संगठन का विस्तार न कर सिर्फ जिला हरिद्वार से ही सारे कार्य करने एवं अपने निजी हितों की प्राप्ति के लिए हरिद्वार जिले पर अपने निर्णय को थोपने पर संरक्षक मंडल के सदस्यों ने कई बार विरोध भी किया था।