पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग

 हरिद्वार। वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रकाश चैहान के खिलाफ सीपीयू के उप निरीक्षक दिनेश पंवार द्वारा झूठा मुकदमा दर्ज कराए जाने को लेकर नगर के पत्रकारों में रोष व्याप्त हो गया है, मामले को लेकर पत्रकारों की प्रमुख संस्था नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट एनयूजे आई के जिलाध्यक्ष बालकृष्ण शास्त्री द्वारा मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, मुख्य सलाहकार मुख्यमंत्री शत्रुघन सिंह, डीजीपी अशोक कुमार एवं एसएसपी हरिद्वार को पत्र लिखकर मुकदमे वापस लिए जाने की मांग की गई है। साथ ही मामले की जांच उच्च अधिकारी से कराकर दरोगा के खिलाफ कारवाई की मांग की है। मुकदमा वापस ना होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। दरअसल 23 मई को वरिष्ठ पत्रकार कोरोना कर्फ्यू के दौरान अपने कार्यालय में पत्रकारिता संबंधित कार्य कर रहे थे, तभी वहां पर सीपीयू के उप निरीक्षक दिनेश पवार सिपाहियों के साथ वहां पहुंचते हैं और वेद प्रकाश चैहान के साथ अभद्रता करने लगते है, वेद प्रकाश चैहान ने उक्त पुलिसकर्मियों से कहा कि यह उनका पत्रकारिता का कार्यालय है जो कोविड-19 के दौरान भी खोला जा सकता है लेकिन पहले से ही वेद प्रकाश चैहान से रंजिश रखने वाले सीपीयू दरोगा ने मौके का फायदा उठाते हुए अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पुलिस की हनक में उनके खिलाफ शहर कोतवाली में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया है, बता दे कि वेद प्रकाश चैहान द्वारा कुछ दिन पहले उक्त दरोगा की आरटीआई के माध्यम से कुछ सूचना मांगी थी तभी से ही दरोगा उनसे पर्सनल रंजिश रखते हैं जो कोविड-19 में उन्होंने उन पर झूठा मुकदमा दर्ज करके निकाली है, जिसके बाद पत्रकारों में रोष है। वेद प्रकाश चैहान का पुत्र संजय चैहान जो पंजाब केसरी का पत्रकार है और एनयूजे यूनियन का सदस्य है संजय चैहान ने एनयूजे के जिला अध्यक्ष बालकृष्ण शास्त्री को पूरे मामले से अवगत कराया । इस सम्बन्ध में एनयूजे के जिलाध्यक्ष द्वारा पत्र लिखकर झूठे मुकदमे को वापस लिए जाने की मांग की गई है, मांग ना माने जाने पर प्रदेश भर में आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।