विधि विधान के साथ पूरे शानो-शौकत से निकली शंकराचार्य की पेशवाई

 हरिद्वार।शाही स्नान पर्व नजदीक आने के साथ ही पेशवाई का सिलसिला तेज हो गया। शनिवार को ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज की पेशवाई जूना अखाड़ा से निकलकर ढोल-नगाड़ो के साथ पूरे शानौ-शौकत से छावनी प्रवेश किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्वालुओं के साथ साथ कई संतगण मौजूद रहे। बताते चले कि जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती कुम्भ मेला के दौरान में जूना अखाड़े के साथ ही शाही स्नान करते है। शाही स्नान के लिए अखाड़े की पेशवाई इन्ही की अगुवाई में निकलती है।     

 शनिवार को ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद की पेशवाई दुःखहरण हनुमान मन्दिर के निकट श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के धर्मध्वजा से विधि विधान के साथ प्रारम्भ हुई,पेशवाई प्रारम्भ होने से पूर्व विद्वान ब्राहणों द्वारा पूजा अर्चना की गई। पूजा अर्चना के दौरान कोविड गाइड लाईन का पालन करते हुए सभी से कोरोना से बचाव के लिए विशेषज्ञों द्वारा जारी नियमों का पालन करने की अपील भी की गई। धर्म ध्वजा पर पूजन के दौरान श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के अन्र्तराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि महाराज,,अन्र्तराष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेमगिरि महाराज, अखाड़ा के अन्र्तराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत विद्यानंद भारती,दूघेश्वर पीठाधीश्वर एवं अखाड़ा के अन्र्तराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज,अन्र्तराष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत महेशपुरी,सचिव श्रीमहंत मोहन भारती के साथ साथ श्रीमहंत शिवानंद सरस्वती,श्रीमहंत केदारपुरी,सभापति श्रीमहंत उमाशंकर भारती रमता पंच के कई संतगण मौजूद रहे। रमता पंचो की मौजूदगी में धर्म ध्वजा से प्रारम्भ हुई पेशवाई बाल्मीकि चैक,अपर रोड़ से हर की पैड़ी से भीमगोड़ा के रास्ते खड़खड़ी पहुची,जहां से जगद्गुरू शंकराचार्य की पेशवाई पावनधाम के निकट स्थित छावनी में प्रवेश किया। इस दौरार पूरे मार्ग में जगह जगह श्रद्वालुओं ने जगद्गुरू शंकराचार्य का स्वागत करते हुए उनका आर्शीवाद प्राप्त किया। पेशवाई में शंकराचार्य जी के साथ सुमेरू पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानंद सरस्वती,प्रयागराज पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर ओमकारा नंद,जगद्गुरू श्रीमहंत पंचानंद गिरि महाराज सहित कई संतगण एवं उनके अनुयायी शामिल थे।