यहां आने वाले श्रद्वालु यहा से आनन्द की अनुभूति लेकर जाये अधिकारी रखे ध्यान

 


हरिद्वार। प्रदेश के संसदीय कार्य, शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को मेला नियंत्रण भवन(सी0सी0आर0) में महाकुम्भ मेला के अन्तर्गत कराये जा रहे स्थाईध्अस्थाई कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में शहरी विकासमंत्री नेे अधिकारियों को निर्देश दिये कि महाकुम्भ मेले में पूरे विश्व से मांॅ गंगा का दर्शन करने श्रद्धालु आते हैं। अधिकारी इस बात का पूरा ध्यान रखें कि श्रद्धालुओं को जरा सी भी किसी तरह की परेशानी या दिक्कत नही होनी चाहिये तथा श्रद्धालु यहां से सुख व आनन्द की अनुभूति लेकर जाये। उन्होंने पुलिस के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं से विनम्रता का व्यवहार करें ताकि जो भी श्रद्धालु यहां से गंगा में स्नान करने के पश्चात अपने गन्तव्य को लौटें, उनके मन-मस्तिष्क में आपके विनम्र व्यवहार की छवि होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि इधर कोविड-19 का संक्रमण बढ़ रहा है। ऐसे समय में हमें पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। समीक्षा बैठक के दौरान द्वारिका बिहार की खुदी सड़कों के बारे में गहरी नाराजगी जताई और अधिकारियों को सड़कों का निर्माण यथाशीघ्र करने के निर्देश दिये। उन्होंने द्वारिका बिहार में ही जगह-जगह पानी के लीकेज तथा पीने के पानी की गुणवत्ता काफी खराब होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई तथा पेयजल निगम के एक्सियन को निर्देश दिये कि पानी की गुणवत्ता की जांच की जाये तथा जितने भी लीकेज हैं, उन्हें ठीक कराकर साफ-स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने इसके अलावा मेला क्षेत्र की जितनी भी आन्तरिक सड़कें हैं, उनमें जो भी कार्य-चाहे वे पैच वर्क के हों या उसमें डामरीकरण होना है, को 01 अप्रैल तक पूर्ण कराने के निर्देश दिये। मंत्री बंशीधर भगत ने धनौरी-सिडकुल मार्ग के सम्बन्ध में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली तथा मार्ग के निर्माण में हो रही देरी पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों को मानव संसाधन बढ़ाकर मार्ग को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 01 अप्रैल तक यह मार्ग बनकर तैयार हो जायेगा। बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत ने मंत्री जी को अभी तक हुये स्नानों की क्या व्यवस्था की गयी थी तथा उसमें कितने श्रद्धालु आये थे, के बारे में बताया। उन्होंने कुम्भ का भौगोलिक क्षेत्र, जो 24 सेक्टरों में बंटा है, कुल स्थाईध्अस्थाई काम जो स्वीकृत हुये हैं के सम्बन्ध में  बताया । उन्होंने यह भी बताया कि 10 नये घाट बनाये गये हैं, गोविन्द घाट की लम्बाई बढ़ाई गयी है। उन्होंने भविष्य में मेला क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिये कमेटी गठित करने पर विचार करने की बात कहीं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बी0एच0ई0एल0 में एक संकरा पुल था, जिसका चैड़ीकरण किया गया है, जिससे जाम की स्थिति से निजात मिली है तथा सूखी नदी पर भी एक नया ब्रिज बनाया गया है, बैरागी के अन्दर छह किमी की पक्की सड़क बनाई गयी है। मेलाधिकारी ने बैठक में मीडिया सेण्टर के बारे में बताया कि चण्डीटापू में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का सभी आधुनिक संचार सुविधाओं से युक्त मीडिया सेण्टर बनाया गया है, जिसमें 500 लोग बैठक सकते हैं। उन्होंने बताया कि भूपतवाला में 150 बेड का सभी सुविधाओं से युक्त अस्पताल बनाया गया है। मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से महाकुम्भ की दृष्टि से अस्पतालों में डाॅक्टरों की उपलब्धता के सम्बन्ध में जानकारी ली। रेन बसेरा के सम्बन्ध में बताते हुये मेलाधिकारी ने कहा कि पूरे मेला क्षेत्र में लगभग नौ रैन बसेरे बने हैं, जिनकी क्षमता 1500 बेड के करीब है। बैठक में मंत्री ने शौचालयों के सम्बन्ध में भी विस्तृत जानकारी ली। मेलाधिकारी ने बताया कि मेला क्षेत्र में कुल ग्यारह हजार के करीब शौचालय होंगे तथा शौचालयों में यूरेनल की भी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में आवश्यकतानुसार जगह-जगह अलग-अलग क्षमता के डस्टबिन रखे जा रहे हैं। बस अड्डों में बिजली, पानी आदि की पूरी व्यवस्था की जा रही है। राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) यतीश्वरानन्द ने बैठक में अधिकारियों से अखाड़ों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं के बारे में पूछा, तो मेलाधिकारी ने बताया कि सभी को आवश्यकतानुसार शौचालय उपलब्ध कराये जा रहे हैं तथा बिजली पानी आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने मंत्री जी को शाही स्नान पर्वों पर की जा रही पार्किंग व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि ओम प्रकाश जमदग्नि सांसद, भाजपा महामंत्री विकास तिवारी, सजंय सहगल, सचिव शहरी विकास शैलेश बगोली, जिलाधिकारी सी0 रवि शंकर, अपर मेला अधिकारी डाॅ0 ललित नारायण मिश्र, हरवीर सिंह, रामजी शरण शर्मा, लोक निर्माण, पेयजल, जल संस्थान, स्वास्थ्य सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।