कोविड टेस्ट में आना-कानी करने वालों के खिलाफ दर्ज कराये मुकदमा-जिलाधिकारी

हरिद्वार। जिलाधिकारी सी0 रविशंकर की अध्यक्षता में गुरूवार को कलेक्ट्रेट स्थित भारत रत्न पं0 गोविन्द बल्लभ पन्त सभागार में जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जिला निधि से कोविड-19 टेस्टिंग के लिये इनीशिएटिव देने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इससे अन्य लैब भी टेस्टिंग के लिये आगे आयेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एक दिन में दो हजार आटीपीसीआर टेस्ट करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से डेढ़ हजार के आसपास हम टेस्ट कर पा रहे हैं। इन सभी पहलुओं को दृष्टि में रखते हुये हम टेस्टिंग के लिये टीम बढ़ाने का भी प्रयास कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सैम्पलिंग के लिये जिस दिन जिस इलाके में जाना हैं, वह इलाका पहले तय हो जाना चाहिये, जिसकी जानकारी वहां के लोगों को होनी चाहिये। अगर सहज रूप से जनता टेस्ट कराने आती है तो ठीक है अन्यथा सम्बन्धित के विरूद्ध महामारी अधिनियम व आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 के सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत कार्रवाई भी की जा सकती है। बैठक में अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि टेस्टिंग के लिये लोगों में जागरूकता लाने की भी आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों को समझाया जाय कि उनके टेस्ट न कराने से समाज में कोविड-19 का संक्रमण बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता बढ़ाने के लिये सोशल मीडिया में वाॅयस मैसेज चल रहा है। अन्य माध्यमों-लोकल चैनलों आदि से भी इसका प्रचार किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा के महत्व को समझते हुये आपदा से सम्बन्धित  जो भी कार्य हों, उन्हें त्वरित गति से किया जाना चाहिये। बैठक में आपदा न्यूनीकरण निधि, उपकरणों के लिये बजट, सी0सी0आर0 सेण्टरों के भुगतान आदि के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनीत तोमर, अपर जिलाधिकारी बी0के0 मिश्रा, अपर जिलाधिकारी के0के0 मिश्रा, उपजिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, एसीएमओ डाॅ0 एच0डी0 शाक्य, आपदा प्रबधन अधिकारी सुश्री मीरा कैन्तुरा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।