प्रदेश सरकार से प्रवासियों और स्थानीय लोगों का मोहभंग -किशोर उपाध्याय

हरिद्वार। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश सरकार से प्रवासियों और स्थानीय लोगों का मोहभंग हो चुका है। मोदी का प्रभाव भी कम हुआ है। सरकार को बकरी पालन, गाय पालन, दुग्ध उत्पादन जैसे रोजगार के लिए उन्हें 10 लाख रुपये तक का ब्याज रहित लोन देना चाहिए। उन्होने कहा कि 2022 के विस चुनाव में वनाधिकार आंदोलन अहम मुद्दा होगा। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि लॉकडाउन में घर आए प्रवासियों की मदद करने में प्रदेश सरकार नाकाम साबित हो रही है। मध्य हरिद्वार के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जनसंवाद कार्यक्रम के तहत उन्होंने प्रदेश भर में घूम-घूम कर प्रवासियों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की है। प्रदेश सरकार से प्रवासियों और स्थानीय लोगों का मोहभंग हो चुका है। मोदी का प्रभाव भी कम हुआ है। सरकार को बकरी पालन, गाय पालन, दुग्ध उत्पादन जैसे रोजगार के लिए उन्हें 10 लाख रुपये तक का ब्याज रहित लोन देना चाहिए। हरिद्वार में होटल या सिडकुल में फैक्ट्री लगाने के लिए भी सरकार को आर्थिक सहयोग देना चाहिए। राजस्थान और मध्य प्रदेश के सियासी घटनाक्रम पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में वर्ष 2016 में सभी कांग्रेसियों ने मिलकर अपनी सरकार बचाई थी। वर्ष 2022 के लिए भी उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलकर खड़े होने का निवेदन किया है। भाजपा से बागियों की वापसी के सवाल पर किशोर उपाध्याय का कहना था कि पार्टी को छोड़कर जाने वालों को संगठन में मौका नहीं दिया जाना चाहिए। पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज और विभास मिश्रा के नेतृत्व में नितिन कौशिक विशाल राठौर आदि कार्यकर्ताओं ने हरिद्वार पहुंचने पर किशोर उपाध्याय का स्वागत किया।