नाबालिग के अपहरण,शारीरिक उत्पीड़न के दोषी को सात वर्ष की कारावास की सजा

 हरिद्वार। नाबालिग लड़की का अपहरण कर कमरे में बंधक बनाकर छेड़छाड़ और शारीरिक उत्पीड़न करने के मामले में एडीजे,एफटीएससी न्यायाधीश कुमारी कुसुम शानी ने आरोपी युवक को दोषी पाया है। विशेष कोर्ट ने दोषी युवक को सात वर्ष की कठोर कैद और 75500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि न देने पर एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने के आदेश दिए हैं।शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि 25 मार्च 2019 को शाम चार बजे सिडकुल क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की गोबर डालने जा रही थी। रास्ते में आरोपी ने उसे पकड़कर अपने घर ले जाकर कमरे में बंद कर लिया था। पड़ोसी महिला ने पीड़िता की दादी को पूरी घटना बताई। जिसपर पीड़िता की दादी और पड़ोसी महिला आरोपी के घर पहुंचे थे। दरवाजा खुलवाने पर रजाई और गद्दों के नीचे से पीड़िता की आवाज आ रही थी। यही नहीं, पीड़िता के हाथ बंधे और मुंह में कपड़ा घुसाया गया था। शिकायतकर्ता माता ने आरोपी जयपाल पुत्र जोगेंद्र के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने घटना के थोड़े दिन बाद आरोपी जयपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद युवक के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। शासकीय अधिवक्ता ने सरकार की ओर से 10 गवाह पेश किए।