भेल मे श्रमिक संगठनों के चुनाव की सर्गर्मिया हुई तेज

 


हरिद्वार। भेल कारखाने की लेबर यूनियनो के चुनाव की तारीख 23 जून तय होने साथ ही चुनावी सर्गर्मिया तेज हो गई है। वैसे तो इन संगठनों के चुनाव 2020 मे होने थे पर कोरोना महामारी के चलते प्रबंधिका ने चुनाव टाल दिये थे। पूर्व मे चुनाव वर्ष 2016 मे हुए थे, इस बार चुनाव साढ़े छह वर्ष बाद कराये जा रहे है। हर तीन या चार वर्ष के अंतराल पर चुनाव हो जाते है। बाकी प्रबंधिका चाहे तो चुनाव टाल भी सकती है। यूँ तो भेल मे 16 के करीब लेबर यूनियन है। परंतु गत चुनावों मे 6 यूनियन ने 10 प्रतिशत मत हासिल कर भेल मे मान्यता प्राप्त की थी। भेल के नियमो के मुताबिक जिस भी यूनियन को चुनाव मे 10 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त होंगे उन्ही यूनियन के प्रतिनिधि ही प्रबंधिका द्वारा बनाई गई कमेटिओं मे शामिल किये जाते है। सभी यूनियन मान्यता के लिए अपना दम खम दिखाते हुए चुनावी मैदान मे है। गत चुनाव मे नंबर दो पर रही यूनियन भारतीय मजदूर संघ भेल की मान्यता प्राप्त यूनियन कर्मचारी परिषद के साथ गठबंधन कर चुनाव मे उतरी है। वहीं बी एम के पी जो कि नंबर एक पर रही यूनियन मे थी। आज अपने अस्तितव् के लिए संघर्ष कर रही है। इंटक और एटक् भी मान्यता प्राप्त यूनियन है। सभी अपने स्तर से कोशिश मे जुटि हुई है। पर इन सबका भविष्य तो आने वाली 23 जून को ही तय होगा।