बैंक से सेवानिवृत होने पर अब प्रोविडंेट,ग्रेच्यूटी फंड से बनायेंगे इन्सायित का मन्दिर

 हरिद्वार। भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में विशेष सहायक के पद पर कार्यरत श्री राम शंकर वर्मा तथा संदेशवाहक श्री त्रिलोक चन्द्र को उनकी सेवा अवधि पूर्ण होने पर बैंक परिवार की ओर से विदाई देेते हुए उनके सकुशलता की कामना की गई। विदाई समारोह का आयोजन शाखा परिसर में शाखा प्रबंधक श्री बजरंगी यादव की अध्यक्षता एवं सतेन्द्र सैनी के संचालन में हुई। इस मौके पर शाखा प्रबंधक बजरंगी यादव ने राम शंकर वर्मा की कार्यकुशलता एवं ग्राहक सेवा के लिए समर्पित सेवा भाव की तारीफ की। उपप्रबंधक श्रीमती कीर्ति जैन ने कहा कि यह उनकी ऐसी पहली शाखा है,कैश सैक्सन से कभी हो हल्ला सुनने को नही मिला,ग्राहको की भीड होने के बावजूद सभी का कार्य शान्ति प्रिय तरीके से कैसे निपट जाता है,यह विशेष उपलब्धि रामशंकर वर्मा जी को जाता है। श्री वर्मा की पुत्री ने पिता के अप्रत्यक्ष योगदान पर कहा कि पिता से है नाम तेरा,पिता पहिचान तेरी। जिये जिस सहारे पे तू,पिता से वो साॅस मिली। श्री वर्मा की पत्नी श्रीमती अनीता वर्मा कहा कि वर्मा जी बैंक सर्विस के साथ साथ दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ दहेज उन्मूलन मोर्चा का गठन कर यह आग कब बुझेगी एवं दूल्हा मण्डी जैसी झाॅकियो का सफल मंचन करते रहे है। इन्होने कड़ी मेहनत कर एक संग्रहालय बनाया है जिसमें दुलर्भ वस्तुयें संग्रहीत की गई है। समारोह में बोलते हुए राम शंकर वर्मा ने कहा कि बैंक सेवा के अलावा अतिरिक्त समय का सदप्रयोग कर देश की विविध समस्याओं के निदान के लिए उन्होने युवा पीढी को जागरूक किया है। दहेज उन्मूलन के साथ साथ बढ़ती जनसंख्या,पीने के पानी का संकट,बेरोजगारी के निदान के लिए उन्होने पूर्व राष्ट्रपति डाॅ0ऐ0पी.जे अब्दुल कलाम एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी पत्र भेजकर अपने सुझाव दिए। श्री वर्मा ने कहा कि वह हरिद्वार में एक इन्सानियत का मन्दिर बनाना चाह रहे है,जिसके लिए उन्होने अपनी सम्पूर्ण प्रोवीडंेट फंड एवं ग्रेच्यूटी की सम्पूर्ण राशि उस मन्दिर में लगाने का संकल्प लिया है। समारोह में विभिन्न सहयोगी कर्मियों द्वारा दोनो को सेवानिवृत होने पर उपहार देकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह में धीरज सिंह,हर्ष तिवारी,प्रदीप गुप्ता,जनरल सैकेट्री की ओर से जितेन्द्र,हिमांसू पंवार,श्रीमती रेनू चुघ, सतीश,नमन वर्मा,मनोज सहगल,शिव कुमार चैधरी आदि ने दोनो के दीघार्यू की कामना करते हुए सुखद जीवन की शुभकामनाएं दी।