दसवी की छात्रा के साथ गैंगरेप करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्रतार

 हरिद्वार। कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र से लापता हुई दसवीं की छात्रा से गैंगरेप करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों ने वेस्ट यूपी के मेरठ में बालिका के साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस के हत्थे चढ़े मूलरूप से पड़ोसी जिले सहारनपुर से ताल्लुक रखने वाले है। इनमें तीन आरोपी पेशे से दिहाड़ी मजदूर हैं जबकि एक आरोपी लेबर ठेकेदार है। आरोपियों की गिरफ्रतारी पर डीआईजी-एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है। पुलिस के अनुसार ज्वालापुर क्षेत्र से मां की डांट से तंग आकर दसवीं की छात्रा बिना बताए घर से चली गई थी। परिजन की शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन छात्रा का अता पता नहीं चल सका था। करीब बीस दिन बाद लापता छात्रा नाटकीय घटनाक्रम के तहत रोडवेज बस स्टैंड पर अपने एक रिश्तेदार को मिली थी। पुलिस ने पहले तो किशोरी से बातचीत नहीं की थी, लेकिन बाद में किशोरी ने परिजनों को आपबीती बयां की थी। बताया था कि सहारनपुर से मेरठ जाते वक्त रोडवेज बस में उसे तीन युवक मिले थे, वह उनके साथ मेरठ चली गई थी। जहां युवकों ने अपने एक अन्य साथी के साथ उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया था। मामले की जानकारी परिजनो ने ज्वालापुर पुलिस को दी थी। जांच के दौरान कई बिन्दुओं पर जांच करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में जुटी थी। पुलिस किशोरी को वेस्ट यूपी भी ले गई थी, लेकिन वह वहां तक पहुंचाने में कामयाब नहीं हुई थी, जहां उसे ले जाकर दुष्कर्म किया गया था। एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह की माने तो एसएसआई नितेश कुमार की अगुवाई में गठित पुलिस टीम ने अथक प्रयास के बाद गैंगरेप के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पेशे से गन्ना छीलने वाले दिहाड़ी मजदूर मेरठ में कार्य के लिए जा रहे थे, उन्हें ही किशोरी बस में मिली थी। किशोरी को अकेली पाकर वह उसे बहला फुसलाकर अपने साथ ले गए थे, जहां तीनों के अलावा उनके ठेकेदार ने भी दुष्कर्म किया था। बताया कि आरोपियों के नाम अब्दुल कादिर पुत्र फुरकान, मोहम्मद इसरार पुत्र खालिद, ठेकेदार अहसान पुत्र मोहम्मद कामिल और नदीम पुत्र फुरकान निवासीगण नथमलपुर चिलकाना सहारनपुर यूपी है। आरोपियों ने बताया कि गांव खांसी परतापुर मेरठ में गैंगरेप किया गया था। बहरहाल पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, अपहरण, पॉक्सो ऐक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।