जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां समाज का उत्थान स्वतः होने लगता-अमिता जैन

 हरिद्वार। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय की यज्ञशाला में यज्ञ संपन्न किया गया। जिसमें भारत सरकार की तरफ से आडिट करने वाली टीम की अध्यक्ष अमिता जैन विशेष रूप से शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, उस परिवार और समाज का उत्थान स्वतः होने लगता है। परमेश्वर ने अगण्य शक्तियों का वरदान नारी के रूप में इस धरातल पर प्रदान किया है। वह पुरुष के समकक्ष ही नहीं, अपितु विभिन्न कार्यों में उससे कई गुना अधिक है। जहां वह समाज के दायित्वों का निर्वहन करती है, वहीं वह घर के छोटे-बड़े सभी कार्यों को प्रसन्नता के साथ पूरा करती है। अमिता जैन ने कहा कि नारी समाज के लिये वरदान होती है। नारी के होने से समाज, सभ्यता, संस्कृति सबकुछ आनन्द दायक बन जाता है। वह समाज की शिक्षिका है, सुख-सौभाग्य की देवी है और धैर्य की प्रतिमा है। आडिट टीम के प्रमुख सुजीत कर्माकर ने गुरुकुल को लेकर कहा कि यह संस्थान अपने अन्दर विशालता को समेटे हुए नजर आता है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रूपकिशोर शास्त्री ने इस दिवस पर समस्त मातृशक्ति को बधाई देते हुए समाज हित में उनके द्वारा किये गये महत्त्व के बारे में बताया। यज्ञ के व्यवस्थापक प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने महर्षि दयानन्द सरस्वती तथा आर्य समाज के द्वारा नारियों की शिक्षा के लिये किये गये अपूर्व योगदान का स्मरण कराया। वित्ताधिकारी प्रो. वीके सिंह ने टीम के सभी सदस्यों का धन्यवाद दिया। प्रो. मनुदेव बन्धु ने नारियों के साहस एवं शौर्य की चर्चा की। इस अवसर पर कुलसचिव डा. सुनील कुमार, प्रो. अम्बुज शर्मा, प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, प्रो. एलपी पुरोहित, डा. मौहरसिंह मीणा, डॉ भगवान दास, डा. मीरा त्यागी, डा. बिन्दु मलिक, डा. रेखा मलिक, डॉ विपिन बलियान, नारायण नेगी, आर्यसमाज के मंत्री रमेशचन्द्र, कोषाध्यक्ष अमित धीमान, जितेंद्र नेगी, राजकुमार, बीरेन्द्र बिष्ट, तरुण, सुशील आदि उपस्थित रहे।