किसानों की कई मांगे अभी अधूरी है, कारवाई नही हुई तो फिर आंदोलन-विर्क

 


हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन किसान उत्थान की बैठक हुई। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार सुखदेव सिंह विर्क ने कहा कि किसानों की कई मांगें अब भी अधूरी हैं। सरकार को जल्दी इस तरफ ध्यान देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह एक बार फिर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जिला अध्यक्ष इरशाद अली के नेतृत्व में सराय स्थित आशियाना होटल में सभी पदाधिकारियों का फूल माला पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार सुखदेव सिंह विर्क ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के काले कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों को लगातार सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ा। इस दौरान किसानों पर अनेक आरोप लगाए गए। इसके बावजूद किसान आंदोलन पर डटे रहे। नतीजा केंद्र सरकार को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा। कार्यकारी अध्यक्ष बलवीर सिंह चीमा ने कहा कि आंदोलन के दौरान आठ सौ से ज्यादा किसानों को असमय काल का ग्रास बनना पड़ा। केंद्र सरकार को इसका खामियाजा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। किसान अपने हक की लड़ाई लड़ते हुए शहीद हुए हैं। सरकार को उनके परिजनों को उचित मुआवजा देना चाहिए। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष पंजाब बलवीर सिंह चीमा ने कहा कि किसानों के आंदोलन के सामने केंद्र आखिरकार सरकार को मानना पड़ा कि किसानों की समस्या का समाधान किसानों से बातचीत के बिना नहीं किया जा सकता।रविवार को ज्वालापुर सराय रोड स्थित एक बैंकेट हॉल में हुई बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों का जिलाध्यक्ष इरशाद अली ने स्वागत किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ा। तमाम दिक्कतों के बाद भी किसान आंदोलन पर डटे रहे। जिसका नतीजा ये निकला कि केंद्र सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। कार्यकारणी अध्यक्ष बलवीर सिंह चीमा ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान आठ सौ से ज्यादा किसान शहीद हुए हैं। केंद्र सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। सरकार को शहीद किसानों के परिजनों को उचित मुआवजा देना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष पंजाब बलवीर सिंह चीमा, जिलाध्यक्ष इरशाद अली ने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं। अन्नदाताओं के खिलाफ अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी पाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद आरिफ राजपूत, राष्ट्रीय सलाहकार चैधरी यशपाल सिंह, इरशाद अली, शाहनवाज शाह, मुकेश कुमार, डा.विजेंद्र, शिवम, जानकी नौटियाल, हाजी रईस अहमद, अब्दुल अजीज खान, शाहनवाज अली, राजेंद्र प्रसाद, शिवम चैधरी, अब्दुल रहीम, शाहिद, तसलीम सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।