निरन्तर प्रयत्नशील है कि गांवों में निवेश व पूंजी का प्रवाह बढ़े-यतिश्वरानंद

 ग्राम्य विकास मंत्री ने किया राष्ट्रीय सरस मेले का शुभारम्भ


हरिद्वार। प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग तथा ग्राम्य विकास विभाग मंत्री यतिश्वरानन्द ने सोमवार को मेडिकल काॅलेज ग्राउण्ड, जगजीतपुर में 20 से 29 दिसम्बर तक जिला प्रशासन द्वारा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सौजन्य से आयोजित ’’राष्ट्रीय सरस मेले’’ का दीप प्रज्ज्वलित एवं फीता काटकर उद्घाटन किया।  कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये ग्राम्य विकास मंत्री यतीश्वरानन्द ने कहा कि राष्ट्रीय सरस मेले का मुख्य उद्देश्य माताओं, बहनों तथा स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों आदि का ज्यादा से ज्यादा व्यापार कैसे बढ़े, इन्हें गांव के अन्दर ही रोजगार कैसे मिले तथा रोजगार के लिये इन्हें दूर न जाना पड़े, इसके लिये हमारी सरकार, इन्हें स्वावलम्बी बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हम निरन्तर प्रयत्नशील है कि गांवों में निवेश व पूंजी का प्रवाह बढ़े ताकि स्वयं सहायता समूह आत्म निर्भर तथा मजबूत बनें। कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द ने कहा कि हमारी सरकार ने स्वयं सहायता समूहों को 118 करोड़ रूपये की धनराशि देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जो स्वयं सहायता समूह अपने कारोबार को बढ़ाने के लिये एक लाख से लेकर पांच लाख तक का ऋण लेना चाहते हैं, उन्हें हमारी सरकार ब्याज मुक्त ऋण मुहैया करा रही है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि इनके उत्पाद की बिक्री बढ़ाने के लिये इनके उत्पाद को कम्पनी से जोड़ा जाय ताकि इन स्वयं सहायता समूहों को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय स्वयं सहायता समूहों का है। उन्होंने कहा कि भविष्य में आपके उत्पादों की अधिक से अधिक मांग हो, इस तरह का कार्य हमारी सरकार कर रही है। श्री यतीश्वरानन्द ने लोगों से अपील की कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाये गये स्टाॅलों में सभी प्रकार के उत्पाद मौजूद हैं तथा इनके उत्पादों की गुणवत्ता कम्पनियों द्वारा बनाये गये उत्पादों से भी बेहतर है। इसलिये अधिक से अधिक लोग इनकें स्टालों से गुणवत्तायुक्त व जैविक उत्पाद खरीदें। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्य विकास अधिकारी डाॅ0 सौरभ गहरवार ने बताया कि इस मेले में उत्तराखण्ड राज्य सहित अन्य आठ राज्यों के डे-एनआरएलएम योजनान्तर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री के प्रदर्शन एवं विपणन हेतु प्रतिभाग किया जा रहा है। उन्होंने ये भी बताया कि राष्ट्रीय सरस मेले में कुल 148 स्टाल लगाये गये हैं, जिनमें से 73 स्टाल हरिद्वार जनपद के स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाये गये हैं। डाॅ0 सौरभ गहरवार ने यह भी जानकारी दी कि यदि कोई स्वयं सहायता समूह तथा माता बहनें दस दिन तक चलने वाले इस राष्ट्रीय सरस मेले में अपना कारोबार बढ़ाने के लिये स्टाल लगाने के इच्छुक हैं, तो वे न्यूनतम शुल्क देकर अपना स्टाल इस मेले में लगा सकते हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पिथौरागढ़, चम्पावत तथा चमोली आदि सुदूर क्षेत्रों की महिलायें भी अपने-अपने उत्पादों के साथ इस मेले में भाग ले रही हैं। आर0सी0तिवारी, परियोजना निदेशक ने ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादित सामान का जिक्र करते हुये कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य यही है कि गांव की महिलाओं की आमदनी बढ़े। ग्राम्य विकास मंत्री यतीश्वरा नन्द ने राष्ट्रीय सरस मेले में स्टालों का निरीक्षण किया तथा उनके द्वारा बनाये गये उत्पादों की भूरि-भूरि प्रशसा की। इससे पूर्व राष्ट्रीय सरस मेला परिसर पहुंचने पर कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द का मंत्रोच्चरण के बीच मंगल तिलक लगाकर तथा पुष्प वर्षा कर भव्य अभिनन्दन एवं स्वागत किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मां आनन्दमयी सेवा सदन स्कूल की संगीत अध्यापिका सुश्री वन्दना शर्मा एवं बच्चों ने सरस्वती वन्दना एवं महर्षि विद्या मन्दिर, जगजीतपुर के बच्चों द्वारा गणेश वन्दना का प्रस्तुतीकरण किया गया। समारोह में संस्कृति निदेशालय के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं देश भक्ति पूर्ण गीत प्रस्तुत किये। मंच का सफल संचालन प्रकाश जोशी एवं विनोद कुमार ने किया। सहायक परियोजना निदेशक सुश्री नलनीत घिल्डियाल ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान शेषराज सैनी, मिथलेश शर्मा, अमित, विवेक, राजेश, कर्ण सिंह, सत कुमार, नरेश आदि उपस्थित थे।