फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ पारा ,ब्राजील एवं गुकाविवि के बीच रिसर्च को लेकर समझौता

 


हरिद्वार। नार्थ ब्राजील की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी ,फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ पारा का गुरुकुल कांगड़ी डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी ,हरिद्वार के साथ रिसर्च,कल्चर एवं हायर एजुकेशन के क्षेत्र मे कोपरेशन एग्रीमेंट डॉक्यूमेंट रिलीज किया गया। ब्राजील में आयोजित इस अन्तर्राष्ट्रीय मीटींग मे फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ पारा द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय पक्षी  वैज्ञानिक प्रोफेसर एमेरिटस दिनेश चंद्र भट्ट को आमंत्रित किया गया था। इस सन्दर्भ मे प्रोफेसर दिनेश भट्ट ७ दिसंबर से १२ दिसंबर २०२१ तक ब्राजील की यात्रा पर थे। एग्रीमेंट डॉक्यूमेंट को फेडरल यूनिवर्सिटी के अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग कोर्डिनेटर प्रोफेसर जो मार्सेलो द्वारा प्रोफेसर दिनेश भट्ट को प्रदान किया गया। उक्त मीटिंग में जर्मन रिसर्च फाउंडेशन(डीफजीव डाड) तथा अन्य फंडिंग एजेंसी के प्रतिनिधियों की उपस्थिति मे तीन विश्वविद्यालयों ( भारत की गुरुकुल कांगड़ी, रूस की चुवाश यूनिवर्सिटी व मैक्सिको की यूजेइडी यूनिवर्सिटी) के साथ फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ पारा का कोलबोरशन-एग्रीमेंट एवं सयुक्त रूप से कार्य करने की रणनीति पर विचार विमर्श हुआ। प्रारम्भ मे बायोकॉस्टिक्स ,जैवविविधता,हिमालयन इकोलॉजी व मैंग्रोव संरक्षण पर ध्यान केंद्रित  किया जायेगा। प्रोफेसर दिनेश भट्ट ने बताया कि ब्राजील व भारत दोनों ही जैवविविधता की  दृष्टि से विश्व के मेगा बायोडायवर्सिटी देशों में शामिल है। भारत में हिमालय,तटीय प्रदेश,वर्षा वन सहित अनेक प्रकार की भौगोलिक संरचना है। इसी प्रकार विश्व प्रसिद्ध अमेजन फारेस्ट व अटलांटिक ओसियन से घिरे तटीय प्रदेश ब्राजील को जैव विविधता प्रदान करते हैं। गुरुकुल कांगरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रूप किशोर शास्त्री विश्वविद्यालय के प्रोफेसरो को देश विदेश के प्रतिस्थानो से रिसर्च कोलैबोरेशन हेतु प्रेरित करते रहते हैं। ताकि शिक्षा व् शोध  की गुणवत्ता अंतर्राष्ट्रीय स्तर की हो। उनके इसी सद्प्रयास की श्रंृखला मे ब्राजील यूनिवर्सिटी से किया गया यह अनुवन्ध मील का पत्थर साबित होगा। प्रोफसर दिनेश भट्ट के अनुसार गुरुकुल विवि व ब्राजील विवि के बीच इस एमओयू से शोध छात्र-छात्राओं को ग्लोबल स्तर पर कई अनछुए पहलुओं पर विस्तार से कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। इस एमओयू को सफल बनाने में जंतु एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. डी एस मलिक,संकाय के डीन  प्रो नवनीत,डीन रिसर्च प्रो आर सी दुबे,इ एआईसी कोऑर्डिनेटर प्रो वी.के सिंह ,कुलसचिव डा.सुनील ने अपनी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।