जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को दिए क्षतिपूर्ति के आदेश

 हरिद्वार। जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को उपभोक्ता सेवा में कमी करने का दोषी पाया है। आयोग ने बीमा कंपनी को मृत भैंस की बीमित राशि चालीस हजार रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से, क्षतिपूर्ति व शिकायत खर्च के रूप में पांच हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं। ग्राम केहड़ा लक्सर निवासी शिकायत कर्ता अशोक कुमार ने प्रबन्धक सहकारी गन्ना समिति दाबकी कलां लक्सर, स्थानीय बीमा कंपनी दी न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड,सिविल लाइन रुड़की के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दायर की थी। कहना था कि उसने सहकारी समिति से स्वरोजगार के लिए 75 हजार रुपये का लोन लेकर भेंष खरीदी थी। साथ ही 9262 रुपये का प्रिमियम रसीद के साथ भैंस का पचास हजार रुपये का बीमा भी कराया था। दिसम्बर 2016 में बीमारी से भैंस मर गई। स्थानीय पशु चिकित्सक ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया था। बीमा कंपनी के सर्वेयर ने मृतक भैंस का मुआयना किया था। बीमे की मांग करने पर कोई कार्यवाहीं नहीं हुई। नोटिस पर बीमा कंपनी ने भैंस के कान में छल्ला नही होने की वजह बताते हुए क्लेम निरस्त कर दिया था।