त्रिपुरा हिंसा में शामिल संगठनों पर खिलाफ कार्रवाई की मांग को भेजा ज्ञापन

 


हरिद्वार। बहुजन क्रांति मोर्चा के संयोजन में विभिन्न संगठनों ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन कर त्रिपुरा में हो रही हिंसा में शामिल संगठनों पर कड़ी कार्रवाई व पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी प्रेेषित किया गया। बहुजन क्रांति मोर्चा के प्रदेश संयोजक भंवर सिंह ने कहा कि त्रिपुरा में कुछ नफरतवादी संगठनों द्वारा एक धर्म विशेष के प्रति नफरत फैलाने के साथ उनके धर्म स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। धर्म स्थलों में तोड़फोड़ भी की जा रही है। जो कि निंदनीय है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि हिंसा पर तत्काल रोक लगायी जाए और हिंसा में शामिल संगठनों के प्रतिनिधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ पीड़ितों 50-50 लाख रूपए मुआवजा दिया जाए। साथ ही राज्य सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाए। अल्पसंख्यकों को भेदभाव से बचाने के लिए माॅइनाॅरिटी एट्रोसिटी एक्ट बनाया जाए। राष्ट्रीय मूलनिवासी अत्यंत पिछड़ी अनुसूचित जाति जागृति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र श्रमिक एवं प्रदेश संयोजक सुनील राजौर ने कहा कि त्रिपुरा में असामाजिक तत्व हिंसा फैलाने में लगे हैं। लेकिन प्रदेश में भय का वातावरण बनाने में लगे संगठनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।चमार वाल्मीकि महासंघ के जिला अध्यक्ष भानपाल सिंह रवि ने कहा कि नफरतवादी संगठनों द्वारा देश की एकता, अखंडता ,धार्मिक सद्भाव ,सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा कर देश की एकता को तोड़ने की साजिश की जा रही है। जिसकी बामसेफ के सभी आफसूट संगठनो के कार्यकर्ता घोर निंदा करते हैं।प्रदर्शन करने व ज्ञापन देने वालों में बहजन क्रांति मोर्चा के प्रदेश संयोजक भंवर सिंह, राष्ट्रीय मूलनिवासी अत्यंत पिछड़ी अनुसूचित जाति जागृति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र श्रमिक, प्रदेश संयोजक सुनील राजौर, जिला महासचिव बामसेफ अरविंद कुमार, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के जिला अध्यक्ष नसीर अहमद, एडवोकेट रूपचंद आजाद, चमार वाल्मीकि महासंघ के जिलाध्यक्ष भान पाल सिंह रवि, एडवोकेट इकराम भाई, राजपाल,नानक चंद,रफल पाल, सरोज पाल, मोहम्मद जाबिर अली, राजेश बडकर, सनी बेदी, प्रीति बडकर आदि शामिल रहे।