परिवहन विभाग के कार्मिकों ने मांगे पूरी नही होने पर दी कार्यबहिष्कार की चेतावनी

 हरिद्वार। उत्तराखंड परिवहन मिनिस्ट्रियल कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर जनपद के परिवहन कार्यालय में कार्मिकों ने शनिवार तक एक सूत्रीय मांग पूरी न होने पर मंगलवार से पूर्ण कार्य बहिष्कार पर जाने का निर्णय लिया है। कार्मिक ड्यूटी पर तो आएंगे, लेकिन अपनी प्रतिदिन की उपस्थिति दर्ज करा कर कार्य नहीं करेंगे। कर्मियों के कार्यबहिष्कार पर जाने से परिवहन कार्यालय में लोगों के लाइसेंस रिनिवल, न्यू रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, लोन ट्रांसफर आदि कोई कार्य नहीं हो पाएगा। महासंघ पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से जून-2020 में परिवहन विभाग के नए ढांचे का शासनादेश जारी किया गया था। त्रुटि सुधार के लिए सवा साल से कर्मचारी संघ ने शासन व परिवहन मुख्यालय समेत मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर मांग पूरी करने की गुहार लगा चुके हैं। कर्मचारी वरिष्ठता अनुसार सेवानिवृत्त हो रहे हैं। लेकिन उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा। बीते गुरुवार में ही कर्मचारी महासंघ की एक प्रदेश स्तरीय वर्चुअल बैठक संपन्न हुई है। उत्तराखण्ड परिवहन मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मोहनलाल ने कहा कि कार्मिकों की केवल एक मांग है। विभाग नए ढाचे के संबंध में 2020 में जारी शासनादेश की त्रुटि दूर करें। इस त्रुटि की वजह से पिछले सवा साल से मिनिस्टीरियल कैडर की पदोन्नति रुकी हुई है। जिसके विरूद्ध कार्मिकों द्वारा शान्तिपूर्ण और कमबद्ध तरीके से आन्दोलन चलाने के बाद भी शासन स्तर पर हो रही देरी से निरन्तर कार्मिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बल्कि उनके मनोबल पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने के कारण उनकी कार्यक्षमता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार के सम्मुख रखी गयी तर्कसंगत मांगों पर यदि 13 नवंबर तक कार्रवाई नहीं होती है।तो उत्तराखंड परिवहन मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ द्वारा 15 नवंबर से पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।