पुत्र के प्रति पिता के प्रेम को देखकर दर्शक भी हूए अश्रुपूरित

 


हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजिस्टर्ड ने शनिवार की रात को राम केवट संवाद और भरत मिलाप का दृश्य प्रस्तुत कर भगवान और भक्त के बीच का रिश्ता तथा भ्रातत्व प्रेम की प्रेरणादायी लीला का मंचन कर समाज को बताया कि भाई-भाई का रिश्ता कैसा होता है और सम्पूर्ण समाज को भवसागर से पार उतारने वाले श्रीराम को एक छोटी सी नदी पार करने के लिए केवट की नाव का सहारा लेना पड़ता है ,जबकि दशरथ मरण के माध्यम से पुत्र के प्रति पिता के प्रेम को देखकर दर्शक भी अश्रुपूरित हो गए। श्रीरामलीला संपत्ति कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष गंगा शरण मददगार तथा कमेटी अध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा के मार्गदर्शन में एवं मुख्यदिग्दर्शक भगवत शर्मा मुन्ना तथा महामंत्री महाराज कृष्ण सेठ के निर्देशन में नौका लीला के माध्यम से केवट की पात्रता का निर्वाह करने वाले पात्र ने भगवान राम को किन शर्तों पर नौका में बिठाया तथा त्रेता कालीन संस्कृति की जो छटा विखेरी उसकी दर्शकों ने मुक्त कंठ से सराहना की। पुत्र वियोग में राजा दशरथ ने किस तरह प्राण त्यागे उसमें त्रियाहठ की भूमिका का दर्शन कराया गया है। श्री रामलीला कमेटी ने अतीत से गौरवान्वित करते हुए दर्शाया कि हमारे राजा ही नहीं राजकुमार भी राजधर्म और कुल की मर्यादा का पालन करते थे। भरत मिलाप के दृश्य को भावुकता से भरते हुए दर्शाया कि भरत ने स्वयं राजगद्दी पर न बैठकर अग्रज राम की चरण पादुका राजगद्दी पर रख कर 14 वर्ष तक अयोध्या की राजसत्ता का संचालन किया। रंगमंच के दृश्यों को मनोहारी बनाने में जिनके अथक प्रयासों की सहभागिता रही उनमें प्रमुख हैं श्रीरामलीला कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील भसीन, संपत्ति कमेटी ट्रस्ट के मंत्री रविकांत अग्रवाल, मंत्री डॉ संदीप कपूर ,प्रेस प्रवक्ता विनय सिंघल, कोषाध्यक्ष रविंद्र अग्रवाल, रूप सज्जा के माध्यम से मंच को भव्यता प्रदान करने वाले रमन शर्मा, ,अनिल सखूजा, ऋषभ मल्होत्रा ,रमेश खन्ना, विशाल गोस्वामी, पवन शर्मा, राहुल वशिष्ठ ,मनोज वेदी, दर्पण चड्ढा,वीरेंद्र गोस्वामी, संगीत दिग्दर्शक विनोद नयन तथा सुरेंद्र अरोड़ा सहित सम्पूर्ण कार्यकारिणी का भरपूर सहयोग रहा ।सोमवार को सबरी राम दर्शन, सुग्रीव मैत्री तथा बाली वध की लीला का मंचन किया जाएगा। मंच संचालन डॉ संदीप कपूर तथा विनय सिंघल ने संयुक्त रूप से किया।