श्रीराम बारात शोभायात्रा का आयोजन किया

 


हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजिस्टर्ड ने आज श्रीराम बारात की शोभा यात्रा निकालकर सनातन धर्म में विवाह समारोहों के शुभारंभ का संदेश देते हुए दर्शाया कि दांपत्य सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण संस्कार है ,और इसे बड़ी से बड़ी शक्ति भी तोड़ नहीं सकती ,भगवान राम का चरित्र इसी संस्कारित जीवन की प्रेरणा देता है। जूना अखाड़ा एवं नगर कोतवाली के निकट श्री रामलीला भवन से श्रीराम बारात शोभायात्रा का शुभारंभ करते हुए श्रीरामलीला संपत्ति कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष गंगा शरण मददगार ने कहा कि सनातन धर्म और संस्कृति के संस्कार चिरस्थाई होते हैं ,भगवान श्रीराम के दांपत्य जीवन में कितने उतार-चढ़ाव आए लेकिन श्रीराम और सीताजी का दांपत्य जीवन अटूट रहा, इसीलिए श्री रामलीला कमेटी प्रतिवर्ष रामलीला का मंचन कर सनातन संस्कृति को आत्मसात करने का संदेश देती है। श्रीराम बारात की शोभायात्रा बैंड बाजों के साथ रामलीला भवन से प्रारंभ होकर मोती बाजार ,बड़ा बाजार, हर की पैड़ी से अपर रोड होते हुए पुनः रामलीला भवन पहुंची। शोभायात्रा का व्यापारी ,व्यापार मंडल तथा राम भक्तों ने अनेकों स्थानों पर पुष्प वर्षा एवं  जलपान से स्वागत किया। शोभा यात्रा को भव्य एवं व्यवस्थित बनाने में जिन पदाधिकारियों का विशेष योगदान रहा उनमें प्रमुख हैं श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील भसीन, महामंत्री महाराज क्रृष्ण सेठ, महिला स्वागत अध्यक्ष श्रीमती अंजना चड्ढा, संपत्ति कमेटी के मंत्री रविकांत अग्रवाल, मुख्य दिग्दर्शक भगवत शर्मा मुन्ना ,कोषाध्यक्ष रविंद्र अग्रवाल ,मंत्री डॉ संदीप कपूर ,महेश गौड़ ,प्रेस प्रवक्ता विनय सिंघल, कन्हैया खेवडिया,अनिल सखूजा, श्रीकृष्णखन्ना ,रमनशर्मा ,वीरेंद्र गोस्वामी ,मयंक मूर्ति भट्ट, देवेंद्र चड्ढा ,पवन शर्मा ,राहुल वशिष्ठ ,विशाल गोस्वामी, दर्पण चड्ढा ,मनोज बेदी ,सुरेंद्र अरोड़ा ,रमेश खन्ना, ऋषभ मल्होत्रा ,अंकितशर्मा ,गोपाल छिब्बर, राकेश बजरंगी ,सुनील वधावन,तथा विनोद नयन ,सहित संपूर्ण कार्यकारणी एवं सदस्यों का योगदान रहा। शनिवार को रंगमंच पर नौका लीला, दशरथ मरण तथा भरत मिलाप की लीला का मंचन होगा।