’’आजादी का अमृत महोत्सव’’ के तहत सम्यक पोषण जागरूकता अभियान शुरू

 हरिद्वार। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के निर्देशानुसार, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के तत्वाधान एवं ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के संयोजन में आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘आजादी का अमृत महोत्सव‘ मनाया जा रहा है। इसी के तहत ऋषिकुल आयुर्वेद महाविद्यालय के बाल रोग विभाग द्वारा शिशु एवं बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण एवं संवर्धन हेतु विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 (डा0) सुनील कुमार जोशी के मार्गदर्शन में सुवर्णप्राशन शिविर और सम्यक पोषण जागरूकता अभियान का शुभारम्भ परिसर निदेशक प्रो0(डा0) अनूप कुमार गक्खड, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो0(डा0) के0 के0 शर्मा, प्रो0(डा0) ओ0 पी0 सिंह एवं प्रो0 (डा0) नरेश चैधरी ने संयुक्त रूप से  जन्म से 16 वर्ष तक के बच्चों को सुवर्णप्राशन की खुराक पिलाकर किया। आहार व्यवस्था का पालन कराने के लिए अभिभावकों को जागरूक कर बाल रोग विभाग द्वारा तैयार वयानुसार आहार व्यवस्था पत्र वितरित किये गये। अभियान के तहत कोविड-19 से बचाव हेतु गाइडलाइन के साथ जन्म से 16 वर्ष तक के 120 (एक सौ बीस ) बच्चों को सुवर्णप्राशन की खुराक पिलाई गई। प्रो0(डा0) अनूप कुुमार गक्खड ने कहा कि कोरोना महामारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए अभिभावक अपने बच्चों को नियमित रूप से सुवर्णप्राशन अवश्य करायें। बाल रोग विभाग की प्रो0 (डा0) रीना पाण्डे ने अवगत कराया कि सुवर्णप्राशन ऋषिकुल चिकित्सालय में विगत 4 वर्षों से नियमित रूप से कराया जा रहा है जिससे बच्चों की वृद्धि एवं विकास में सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं, साथ ही उन बच्चों में श्वास संबंधी रोगों और पाचन संबंधी विकार में कमी देखी गई है। बाल रोग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो0(डा0) कीर्ति वर्मा ने किशोरावस्था में आहार व्यवस्था पर अधिक ध्यान देने पर बल दिया। कार्यक्रम में प्रो0 (डा0) संजय त्रिपाठी, डा0 सुषमा गोसाई एवं पी0 जी0 स्कालर में डा0 गोपाल,डा0 दीपा,डा0 दीपिका,डा0 राहुल सिंह,डा0 अन्नु वर्मा,डा0 निहारिका वर्मा, डा0 ज्योति सैनी, डा0 मोहर,डा0 मन्दीप कौर, डा0 रीतु ज्याणी, डा0राधिका की सक्रिय सहभागिता रही। द्रव्यगुण विभागाध्यक्ष प्रो0 (डा0) डी0सी0 सिंह के नेतृत्व में परिसर में वृक्षारोपण करते हुए विशेष रूप से आयुर्वेद जडी बूटी के वृक्ष रोपित किये गये। वृक्षारोपण में परिसर निदेशक प्रो0 (डा0) अनूप कुमार गक्खड, डा0 अजय गुप्ता, डा0 ओ0 पी0 सिंह, डा0 संजय त्रिपाठी, डा0 शोभित कुमार,डा0 प्रवेश कुमार एवं परिसर कार्यक्रम संयोजक डा0 नरेश चैधरी एवं द्रव्यगुण विभाग के शोधार्थी छात्र-छात्राओं ने स्वयं भी पौधे रोपित कर उनके बड़े होने तक की जिम्मेदारी स्वयं लेने का संकल्प लिया।