श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन कृष्ण की बाल लीलाओं का कराया रसपान

 हरिद्वार। श्री अवधूत मंडल आश्रम, निकट शंकर आश्रम, ज्वालापुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन में कथा व्यास गौरदास जी महाराज ने भगवान श्री कृष्ण की मंगलमय बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए भगवान की माखन चोरी, चीर हरण, गोचारण लीला का वर्णन करते हुए श्रोताओं को बताया कि भगवान माखन क्यो चुराते हैं क्योंकि माखन में तीन गुण हैं पहला माखन कोमल है दूसरा कठोर नहीं है तीसरा माखन श्वेत है। इसलिए हम सबको कठोर नहीं बनना हैं और माखन जैसा बाहर से है ऐसा ही अंदर से है। हम जैसे बाहर से हैं अगर अंदर से भी ऐसे बन जायेंगे तो प्रभु हमको भी स्वीकार कर लेंगे। इसलिए हर मनुष्य को माखन जैसा बनना चाहिए। कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए बताया कि कैसे भगवान ने कालिया नाग का मर्दन किया भगवान की मधुर-मधुर बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने समस्त श्रोताओं को भजनों द्वारा मंत्रमुग्ध कर दिया। आज कथा में रमेश उपाध्याय, सुमित कुमार, जतिनदास जी महाराज, मानव गुप्ता, कुमुद अग्रवाल, तपन गुप्ता ने भागवत पूजन किया।