जो राजनीतिक दल ब्राह्मण हित के लिए कार्य करेगा, ब्राह्मणों का समर्थन भी उसी को

 विशाल ब्राह्मण हुंकार सम्मेलन में विभिन्न वक्ताओं ने भरी हुॅकार


हरिद्वार। अखिल ब्राह्मण उत्थान महासभा के संयोजन में हरिद्वार के सुभाषगढ़ में आयोजित विशाल ब्राह्मण हुंकार सम्मेलन में पूरे उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेश के हजारों की संख्या में ब्राह्मणों ने भाग लिया। आयोजन स्थल भगवान परशुराम के जयकारों से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक महासम्मेलन में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद, ब्राह्मण जागृति संस्था, अखण्ड परशुराम अखाडा, ब्राह्मण उत्थान परिषद, उत्तराखण्ड ब्राह्मण सभा सहित लगभग 15 संस्थाओं ने एक मंच पर आकर ब्राह्मण एकता का परिचय दिया। सभी संस्थाओं के प्रतिनिधयों ने एक सुर में कहा कि ब्राह्मण किसी भी पार्टी का बन्धुआ नहीं है जो भी ब्राह्मण समाज के हित की बात करेगा उसी का समर्थन करेगा। सामूहिक प्रस्ताव में कहा है कि भगवान परशुराम जी के जन्मदिन पर सार्वजनिक अवकाश घोषित हो या फिर राष्ट्रीय अवकाशों को छोड़कर सभी अवकाश निरस्त हांे, उत्तराखण्ड के पुरोहितों को मासिक भत्ता दिया जाये, प्रत्येक शहर में भगवान परशुराम की प्रतिमा लगाने की सरकार अनुमति दे, सरकार ब्राह्मण समाज की निर्धन कन्याओं के लिए शिक्षा एवं विवाह हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करे, सवर्ण आयोग का गठन हो, जो भी पार्टी इन मांगों को अपने घोषणा पत्र में लायेगा समाज उसका ही समर्थन करेगा। आयोजक विशाल शर्मा ने कहा कि आज हमारी सरकार या किसी पार्टी में बात नहीं सुनी जा रही है जब हम सब एक साथ मिलकर काम करेंगे तो सरकार को भी झुकना पड़ेगा। अब सभी संगठन मिलकर गरीब ब्राह्मणों के हित में कार्य करेंगे। अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के प्रदेश अध्यक्ष मनोज गौतम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 12 फीसदी ब्राह्मण यूपी में हैं। वहां उनकी परिक्रमा की जा रही है। जबकि उत्तराखंड में 24 फीसदी ब्राह्मण हैं। यहां भी ब्राह्मणों की बात को सुना जाए और उन्हें अपने साथ मिलाया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सभी पार्टियों को इसका खामियाजा भुगतना होगा। उन्होंने बताया कि हरिद्वार के अलावा हल्द्वानी, काशीपुर, ऊधमसिंह नगर सहित आसपास के इलाकों से ब्राह्मण समाज के लोग महासम्मेलन में शामिल हुए हैं। जल्द ही एक बड़ी सभा का आयोजन भी होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में जो राजनीतिक दल ब्राह्मण हित के लिए कार्य करेगा, ब्राह्मण उसी का समर्थन करेंगे। साथ ही गौतम कई ब्राहमणों को फरसा व शॉल देकर सम्मानित किया। पं. पद्म प्रकाश शर्मा ने कहा कि हम पार्टिर्यों के पीछे दौड़ना बन्द करें और अपनी एकता को मजबूत करें। बालकृष्ण शास्त्री ने कहा कि हम सबको तुनकमिजाजी छोड़ते हुए आपस में एकता के लिए एक दूसरे को सहन करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें संविधान के अन्दर रहते हुए ही व्यवस्था से लड़ना होगा। इससे पूर्व सुभाष गढ़ में स्थापित अमर शहीद सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा पर सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने माल्यार्पण किया। सम्मेलन स्थल पर अखण्ड परशुराम अखाड़ा के अधीर कौशिक एवं बच्चों द्वारा फरसा शस्त्र खेला गया। हेमचन्द्र भट्ट ने सम्मेलन में आए हुए सभी ब्राह्मणों का आभार व्यक्त किया। आयोजकों की ओर से सभी सहयोगी ब्राह्मण संस्थाओं के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नरेश मोहन ने किया। इस मौके पर गोविंद बल्लभ पांडे, राकेश जोशी, बृजेश तिवारी, संजय पाठक,जोशी योगेश जोशी, हिमांशु जोशी, उमेश जोशी, बृजेश तिवारी, शैलेंद्र मिश्रा, रविंद्र श्रोत्रिय,राजू पांडे, के जोशी आर सी त्रिपाठ, हौसला मिश्रा, मीरा उनियाल, श्रीमती ज्योति तिवारी, राजेश पाठक, सुभाष त्रिवेदी, गोविंद बल्लभ, नवीन तिवारी, धीरेंद्र मिश्रा, पंकज कौशिक, नितिन दुर्गापाल, शक्तिधर शर्मा, जे. पी जुयाल, राहुल शर्मा, पवन शर्मा, विवेक तिवारी, रूद्रानन्द, जीबी पाण्डेय, ललित पाण्डेय, तरूण शर्मा, पवन पाराशर, डॉ. वीडी शर्मा, जुगुल किशोर, शर्मा, संजय शर्मा, रामकुमार शर्मा, शशिकान्त दुबे, सुर्य प्रकाश शर्मा, शालिक राम शास्त्री, राजकुमार शर्मा ने भी सम्बोधित किया।