प्रीपेड वाहन व्यवस्था के विरोध में रिक्शा, तांगा चालकों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा

 


हरिद्वार। संयुक्त पैदल रिक्शा एवं तांगा चालक समिति पंचपुरी हरिद्वार के बैनर तले बुधवार को देवपुरा चैक से रिक्शा चालक और तांगा चालकों ने विरोध प्रदर्शन कर एमएनए को ज्ञापन सौंपा। रिक्शा तांगा चालकों ने प्रीपेड वाहनों के रजिस्ट्रेशन का विरोध किया। रिक्शा यूनियन रेलवे स्टेशन के अध्यक्ष राजू मनोचा ने कहा कि नगर निगम हरिद्वार आरटीओ की तरह रिक्शा और तांगा रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंस स्वीकृत करता है और उसके एवज में नगर निगम नियमानुसार जो भी धनराशि होती है उसकी रसीद एवं रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस देता है। उनकी सुविधाओं के लिए स्टैंड की व्यवस्था भी करता है लेकिन 2010 में बनाए गए स्टैंड को प्रशासन के द्वारा तोड़ दिया गया। वर्ष 2016 में बोर्ड की बैठक में वार्ड नंबर 13 की पार्षद किरण जैसल ने प्रस्तावों की सूची 28 नंबर पर अंकित रेलवे स्टेशन के बाहर स्टैंड के लिए प्रस्ताव रखा तथा पूर्ण बहुमत से बोर्ड में उस प्रस्ताव को पास कर दिया गया। 2016 से अब तक स्टैंड को नहीं बनाया गया। आज प्रीपेड वाहनों का हरकी पैड़ी जाने के लिए जो भी रजिस्ट्रेशन किया गया है वह तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के बायलॉज में स्पष्ट लिखा हुआ है केवल रिक्शा और तांगा ही हरिद्वार रेलवे स्टेशन और रोडवेज से हरकी पैड़ी जाने के लिए स्वीकृत है। भाजपा नेता रवि जैसल ने कहा कि हम इन सब मांगों के लिए भाजपा कार्यकर्ता रिक्शा चालक एवं तांगा चालकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। साथ ही उनकी तर्क संगत मांगों को पूर्ण समर्थन करते हैं। भाजपा के पूर्व पार्षद श्यामल ने कहा कि नगर निगम मजदूरों का शोषण बंद नहीं करती है तो भाजपा निगम प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन करेगी। रिक्शा चालक एवं तांगा चालकों ने मुख्य नगर अधिकारी के कार्यालय में उपनगर अधिकारी महेंद्र सिंह यादव को अपना ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने वालों में बृजमोहन दमीर, सतीश कुमार, पूर्व प्रधान सचिन, किशन लाल, पवन कुमार, पोस्ट ऑफिस प्रधान राजा चंचल, ठाकुरदास, कश्मीरा, मांगेराम, रमेश कुमार, सुखलाल, विनोद, अमरनाथ, सुरेंद्र, कैलाश चंद, गंगाचरण, ताहिर हुसैन, कलुआ, लियाकत, विजय, इंदर, अकबर, मोहसिन, रमेश, गुलशन अरोड़ा, विजय अरोड़ा, सुरेश चंद्र गुप्ता, सुरेश अरोड़ा, भूपेंद्र, सुनील, छत्रपाल, नंदू, चिरंजी, हरिराम, कन्नू, जॉनी आदि आदि सहित सैकड़ों रिक्शा और तांगा चालक सम्मिलित रहे।