1008 पार्थिव शिवलिंग का रुद्राभिषेक कर विश्व कल्याण एवं कोरोना से मुक्ति की कामना


 हरिद्वार। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को प्राचीन हनुमान मंदिर स्थित घाट पर महंत रविपुरी के सानिध्य में विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विधि विधान से 1008 पार्थिव शिवलिंग का पूजन व रूद्राभिषेक कर विश्व कल्याण की कामना और कोरोना महामारी से मुक्ति की प्रार्थना की गई। पूजन के बाद श्रद्धालु भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। मुख्य यजमान प्राचीन हनुमान मंदिर के महंत रविपुरी महाराज ने पार्थिव शिवलिंग पूजा का महत्व बताते हुए कहा कि कलयुग में पार्थिव शिवलिंग का पूजन कूष्माण्ड ऋषि के पुत्र मंडप ने प्रारम्भ किया था। सावन मास में पार्थिव शिवलिंग बनाकर उसकी पूजा करने से भक्त को धन, धान्य और आरोग्य के साथ-साथ पुत्र रत्न की भी प्राप्ति होती है। इसके अलावा भक्तों को सभी प्रकार के मानसिक और शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। लंका विजय से पहले भगवान राम ने भी शिव के पार्थिव शिवलिंग का पूजन किया था। उन्होंने बताया कि पार्थिव शिवलिंग के पूजन से समस्त मनोकामनायें पूर्ण होती हैं। सपरिवार पार्थिव शिवलिंग बनाकर शास्त्र सम्मत विधि विधान से पूजन करने पर पूरा परिवार सुखी रहता है। आचार्य राजीव पंडित, सुधीर डंडरियाल, मनीष डंडरियाल, संजय शर्मा, बालकृष्ण बहुगुणा, अनिल उनियाल ने विधि विधान के साथ पूजन किया। इस अवसर पर कृष्ण चंद शर्मा, पुनीत सलूजा, श्याम अरोड़ा, सौरभ बंसल, पुष्पेंद्र पुष्पी शर्मा, रमेश शर्मा, रमा शर्मा, सन्नो देवी, उमा शर्मा आदि उपस्थित रहे।